आराम हरम है किसने कहा था – Aaram Haram Hai Kisne Kaha Tha

आज से 50 से 55 साल पहले हमारे देश में हर उम्र के लोग ज्यादातर अपना समय आराम करने में ही व्यर्थ किया करते थे और उस समय हमारे देश के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू हुआ करते थे उन्होंने देखा कि देश की अगर लोग ऐसे ही आराम करने में अपना समय व्यर्थ करेंगे तो देश काफी पीछे चला जाएगा और देश में बेरोजगारी का स्तर काफी बढ़ जाएगा और देश में महंगाई और बेरोजगारी भी बढ़ जाएगी। 

आज के इस महत्वपूर्ण लेख में हम आप सभी लोगों को Aaram Haram Hai Kisne Kaha Tha के बारे में जानकारी देंगे और अगर आप जानना चाहते हो कि इस नारे के पीछे किसका हाथ था और इस नारे की शुरुआत क्यों हुई तो ऐसे में आपको आज का हमारा यह महत्वपूर्ण लेख शुरुआत से लेकर अंतिम तक पढ़ना होगा। 

क्योंकि हमने इस लेख में आराम हराम है नारे को किसने कहा था के बारे में विस्तार पूर्वक से जानकारी दी है और अगर आपने यह लेख पूरा नहीं पढ़ा तो आपको यह जानकारी समझ में नहीं आएगी और ना ही इस नारे के पीछे के उद्देश्य के बारे में आपको पता चल पाएगा इसीलिए इसे ध्यान से और पूरा अवश्य पढ़ें।

नारा किसे कहते है

दोस्तों नारा एक ऐसा शब्द होता है जिसका मतलब उद्घोष या बुलंद होता है नारे शब्द का इस्तेमाल महान नेताओं के लिए या स्वतंत्रता दिवस पर लगाया जाता है और नारा अलग-अलग प्रकार के अलग-अलग क्षेत्रों में होते है इसी को हम अपनी भाषा में नारा कहते हैं।

दोस्तों नारे शब्द को कभी भी अकेले में नहीं बोला जाता है क्योंकि इस शब्द को हमेशा भीड़ भाड़ में ही बोला जाता है क्योंकि आपने जब भी 15 अगस्त, 26 जनवरी वह 2 अक्टूबर को लोग एक साथ मिलकर नारा लगाते है इस तरीके से हम नारे शब्द का इस्तेमाल करते हैं।

अगर आपको इस विषय से संबंधित और भी ज्यादा जानकारी चाहिए तो आप हमारे इस महत्वपूर्ण लेख को शुरू से अंत तक अवश्य पढ़ें ताकि आपको हमारा यह लेख समझ में आ सके और कहीं पर भटकने की आवश्यकता बिल्कुल भी ना पड़े।

आराम हराम है किसने कहा

दोस्तों अगर आप यह जानना चाहते हो कि आराम हराम है इस नारे को किसने कहा था तो ऐसे में हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस नारे को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने कहा था इस नारे के अविष्कार होने से सबसे बड़ा फायदा युवाओं को हुआ।

आराम हराम है अगर आप इसका मतलब समझ जाते हो तो आप अपने कामों में अपना समय बहुत ही अच्छे से लगा पाओगे इस नारे को हमारे भारत के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इसलिए निकाला था क्योंकि देश में 75 परसेंटेज लोग आराम करने में ही अपना समय बिता दे रहे है इसीलिए उन्होंने आराम हराम है का नारा निकालकर युवाओं को काम करने के लिए आकर्षित किया।

जब पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस नारे का आविष्कार किया था तो उस समय लोग गुलामी की जिंदगी जिया करते थे और उस समय के लोग बहुत ही ज्यादा आलसी होते थे और उनके अंदर आलस होने के कारण वे ज्यादातर अपना समय सोने में ही बिता दिया करते थे पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इसी को देखते हुए यह बताया कि अगर लोग अपना समय इसी तरह बिता देंगे। 

तो हमें कभी भी आजादी नहीं मिलेगी इसीलिए पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस नारे को जब निकाला तो सबसे बड़ा फायदा युवाओं को हुआ क्योंकि युवाए जो काम कर सकते है वह काम बुजुर्ग नहीं कर सकते इसीलिए पंडित जवाहरलाल नेहरू ने युवाओं को मोटिवेट करने के लिए इस नारे को प्रचलन कर दिया इस तरीके से पंडित जवाहरलाल नेहरू ने आराम हराम है कहा था।

पंडित जवाहरलाल नेहरू कौन थे

दोस्तों पंडित जवाहरलाल नेहरू हमारे देश के सबसे पहले प्रधानमंत्री थे और पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को हुआ था और ये इलाहाबाद के रहने वाले थे पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भारत को आजाद करने के लिए अपना पूरा समय बिता दिया।

पंडित जवाहरलाल नेहरू के एक बेटे और तीन बेटियां थी इनके पिता का नाम मोतीलाल नेहरू था और माता का नाम स्वरूपरानी था पंडित जवाहरलाल नेहरू ने कई बार जेल जा चुके है इन्होंने सबसे पहली बार 9 अगस्त 1942 को मुंबई में गिरफ्तार किया गया था और 15 जून 1945 को छोड़ दिये गए थे पंडित जवाहरलाल नेहरु बहुत ही महान इंसान है इन्होंने हमारे भारत को आजाद करने में अपना पूरा जीवन व्यतीत कर दिया था।

पंडित जवाहरलाल नेहरू ने जब भारत के सर्वप्रथम प्रधानमंत्री बने थे तो यह कुछ समय बाद पाकिस्तान और चीन से हाथ मिला लिया था पंडित जवाहरलाल नेहरु बहुत ही ईमानदार व्यक्ति थे इसीलिए चाइना के लोग पंडित जवाहरलाल नेहरू का फायदा उठाया पंडित जवाहरलाल नेहरू को चीन ने ही धोखा दिया था और इन्हें दिल के दौरा पड़ने के कारण इनकी 27 मई 1964 ईस्वी में मौत हो गई इस तरीके से आप पंडित जवाहरलाल नेहरू के बारे में छोटी से छोटी व बड़ी से बड़ी जानकारी एकत्रित कर सकते हो।

आराम हराम है नारा क्यों दिया गया

आराम हराम है इस नारे को इसलिए कहा गया था ताकि हमारे देश में सभी लोग अपना समय सही जगह पर निकाल सके न की आलस होने के कारण अपना समय सोने में बिता दें इसलिए इस नारे को निकाला गया था।

यह नारा आज के समय में बहुत ही ज्यादा पॉपुलर हो चुका है क्योंकि स्कूलों में इस नारे के बारे में बहुत ही डिटेल में जानकारी बताई जाती है क्योंकि पंडित जवाहरलाल नेहरू बहुत ही ईमानदार और नेक दिल वाले इंसान थे इसीलिए इस नारे को बहुत ही ज्यादा पॉपुलर बना दिया गया है। 

और पंडित जवाहरलाल नेहरू को हमारे देश की बहुत ही ज्यादा चिंता होती थी अगर आपको इस नारे के बारे में और भी ज्यादा जानकारी चाहिए तो आप ऐसे में इंटरनेट का प्रयोग कर सकते हो इंटरनेट पर आपको इस नारे से संबंधित छोटी से छोटी व बड़ी से बड़ी जानकारी बहुत ही आसानी से मिल जाएगी इस तरीके से इस नारे को क्यों निकाला गया था यह जान सकते हो।

आराम हराम है नारे का महत्व

दोस्तों आपने इस विषय से संबंधित बहुत कुछ जानकारी हासिल कर ली है अब हम बात करेंगे कि इस नारे का क्या महत्व है ऐसे में हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस नारे के हमारे देश में बहुत ही ज्यादा महत्त्व है जिसके बारे में हमने आपको नीचे विस्तार से उनके बारे में बताया हुआ है जिसे आप पढ़ कर बहुत ही आसानी से समझ सकते हो।

  • यह नारा हमारे देश के आजाद होने के लिए निकाला गया था।
  • पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस नारे को इस ने निकाला था ताकि हमारे देश की जनता अपना समय अपने कामों में बिता पाए ना कि सोने में।
  • युवाओं को मोटिवेट करने के लिए इस नारे का अविष्कार किया गया था।
  • इस नारे का मतलब होता है कि हमेशा मेहनत करते रहें।
  • इस नारे को हमारे देश में बहुत ही ज्यादा प्रसिद्ध कर दिया गया है।
  • पंडित जवाहरलाल नेहरू ने जब इस नारे को निकाला था तो उस समय भी गुलामी किया करते थे जब उनके द्वारा निकाला गया नारा प्रचलित हो गया तो युवाओं के अंदर अलग प्रकार की शक्ति आ गई जिससे कि वह आजादी के लिए टूट पड़े।

आराम हराम है के बारे में पूछे जाने वाले प्रश्न

यहाँ पर मैंने ऐसे चार सवालों के जवाब दिए है जो की अक्सर लोग आराम हराम है के बारे में पूछते रहते हैं।

Q. भारत के पहले पीएम कौन थे?

जब हमारा भारत देश आजाद हुआ था तो उस समय के सबसे पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू थे पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 15 अगस्त 1947 से लेकर 1950 तक प्रधानमंत्री का काम करते रहें और 1964 में इनको धोखे से हार्ट अटैक आने के कारण इनकी मृत्यु हो गई।

Q. पंडित जवाहरलाल नेहरू कौन थे?

पंडित जवाहरलाल नेहरू एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने अपने समय में आजादी के लिए पूरा समय भी बीता दिया था और यह अपने समय में एक नारे का आविष्कार किया था।

निष्कर्ष

अगर आपको Aaram Haram Hai Kisne Kaha Tha लेख हेल्पफुल रहा है तो फिर आप यह लेख अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करना और इसके अलावा अगर आपको इस लेख से संबंधित कोई भी जानकारी चाहिए तो उसके लिए आप नीचे कमेंट बॉक्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Abhishek Maurya

मेरा नाम अभिषेक मौर्य है और मैं उत्तर प्रदेश वाराणसी डिस्ट्रिक्ट का रहने वाला हूं और मैं एक दिव्यांग हूं। मुझे अलग-अलग विषयों पर आर्टिकल लिखना बहुत अच्छा लगता है और इसी को मैंने अपना जुनून बनाया है। मैं पिछले 3 वर्षों से आर्टिकल लेखन का कार्य कर रहा हूं। आपको हमारे द्वारा लिखे गए लेख कैसे लगते हैं? आप हमें कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। मेरा भी एक हिंदी ब्लॉग है जिस पर मैं रिलेशनशिप के ऊपर आर्टिकल लिखता हूं जिसका यूआरएल इस प्रकार से है। माय वेबसाइट यूआरएल - https://hindibaatchit.com/

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