कार का आविष्कार किसने किया जानिए हिंदी में

दोस्तों आज कार के बारे में कौन नहीं जानता है हम और आप सब का सपना होता है कि उसके पास एक कार हो शायद आपका भी कार लेने का सपना जरूर होगा। कभी आपने सोचा है कि Car Ka Avishkar Kisne Kiya और कार का इतिहास क्या है? अगर आपको नहीं पता तो कोई बात नहीं  आज का हमारा यह लेख इसी विषय पर आधारित हैं।

वैसे तो हमने अपने पिछले लेख में आप सभी लोगों को मोटरसाइकिल का आविष्कार किसने किया? के बारे में विस्तार पूर्वक से बताया था तो कार के अविष्कार के पीछे इंटरेस्टिंग इतिहास को जानने के लिए आप हमारे इस लेख को अंतिम तक अवश्य पढ़ें और इस महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में विस्तार से जाने।

कार क्या है 

कार एक चार पहिया वाहन है और इसमें और कम से कम  4 से 5 लोग बैठ सकते है और यात्रा का आनंद ले सकते है। मोटरसाइकिल के आविष्कार के बाद एक ऐसे यातायात के साधन की जरूरत पड़ी जो मोटरसाइकिल के मुकाबले काफी ज्यादा सुरक्षित और लंबी दूरी तय कर सकें जिसमें आराम से लोग  सफर का आनंद उठा सके।

जब मोटर कार का आविष्कार हुआ तब उस समय कार में सिर्फ 3 चक्के का ही उपयोग किया गया था और यह आकार में काफी बड़ा था। उस समय की कार में ड्राइवर के बैठने के अलावा ज्यादा स्पेस नहीं था क्योंकि कार में काफी ज्यादा हेवी और बड़े-बड़े इंजन का इस्तेमाल किया गया था। दिन प्रतिदिन कार को और भी बेहतर बनाने के लिए इस पर काम किया गया और परिणाम आज हम बाजार में काफी एडवांस फीचर के साथ वाली कार को देखते हैं।

कार कैसे काम करता है

जिस प्रकार से मोटरसाइकिल को चलाने के लिए इंजन की आवश्यकता होती है ठीक उसी प्रकार से कार को भी चलाने के लिए इंजन की आवश्यकता होती है बिना इंजन के कार को चलाया नहीं जा सकता। कार में मोटरसाइकिल के मुकाबले काफी ज्यादा पावर के इंजन का उपयोग किया जाता है क्योंकि कार को चलने के लिए मोटरसाइकिल के मुकाबले कई गुना ज्यादा पावर की आवश्यकता होती हैं।

कार के इंजन को पावर देने के लिए पेट्रोल या फिर डीजल का उपयोग किया जाता है। अलग-अलग प्रकार के गियर होते है और साथ ही में ब्रेक, एक्सीलेटर के अलावा कार को कंट्रोल करने के लिए एक स्टेरिंग दी जाती है। इन सभी चीजों के अलावा कार को चलाने के लिए एक ड्राइवर की आवश्यकता होती है बिना ड्राइवर की कार को नहीं चलाया जाता है परंतु आजकल ऑटोमेटिक कार भी आ चुकी है जो बिना ड्राइवर के भी चल रही है परंतु ज्यादातर कार को ड्राइवर के जरिए ही चलाया जाता हैं।

कार का आविष्कार किसने किया

अब तक हमने कार के विषय में लगभग सभी आवश्यक जानकारी के बारे में जान लिया है और अब चलिए सबसे महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में जानते है कि मोटर कार का आविष्कार आखिर किसने किया? तो हम आपकी जानकारी के लिए बताएं कि कार को किसी एक ऐसे वैज्ञानिक ने नहीं बनाया जिसे सिर्फ एक अविष्कार में ही कार को बनाने की सफलता मिल गई हो।

कार का सफलतापूर्वक आविष्कार कार्ल बेंज ने किया था। इनका पूरा नाम Karl Friedrich Benz (कार्ल फ्रेडरिक माइकल बेंज) था। इनका जन्म जर्मनी में 25 नवंबर 1844 में हुआ था। कार्ल बेंज एक जर्मन इंजन डिज़ाइनर और ऑटोमोटिव इंजीनियर थे। कार्ल बेंज ने सबसे पहले तीन पहियों वाली कार का निर्माण किया था जिसका नाम उन्होंने मोटर वैगन रखा था और कार का पूरे तरीके से सफलतापूर्वक आविष्कार 1885 में हुआ था कर के अविष्कार के पीछे का पूरा श्रेय कार्ल बेंज को ही जाता हैं। 

कार का इतिहास

चलिए अब हम कार का इतिहास क्या है? के बारे में जान लेते है ताकि हम से इस विषय पर कोई  महत्वपूर्ण जानकारी छूट ना जाए। सन 1770 के दशक में एक गाड़ी को बनाया गया था और इसका इंजन भाप से चलने वाला था परंतु इस गाड़ी की चलने की गति मनुष्य जितना पैदल चलता है बस इतनी ही थी और ऐसे सफर करना काफी ज्यादा समय भरा हो सकता था। इसके अलावा इस गाड़ी का डिजाइन बहुत ही ज्यादा अच्छा था जिसके वजह से कार का आविष्कार उस समय पूरा नहीं हो सका।

इसके बाद सीधे 1830 में एक गाड़ी का आविष्कार हुआ जो करंट के माध्यम से चलती थी। इस कार को चलाने के लिए सबसे पहले आपको इसे बिजली से चार्ज करना पड़ता था और और डिजाइन के दृष्टिकोण से भी इसका लुक कुछ ज्यादा स्पेशल नहीं था साथ ही साथ यह गाड़ी चलते वक्त बहुत ज्यादा आवाज करती थी। 

1885 में कार्ल बेंज ने कार के आविष्कार का सपना पूरा किया। कार्ल बेंज ने तीन पहिया ऐसे कार का आविष्कार किया जिसे चलाना बहुत ही आसान था और इसमें वह सब खामियां नहीं थी जो पहले कार के अविष्कार को करने के दौरान हुई करती थी। इनके कार्य के अविष्कार के 1 साल बाद यानी कि वर्ष 1886 में इन्हें कार का पेटेंट मिला और तब जाकर यह पूरी तरीके से एक कार आविष्कारक के रूप में जाने गए। कार्ल बेंज ने अपने अविष्कार यानी की कार का जन प्रदर्शन किया और उसके बाद अपनी कार में सुधार करते हुए 1994 में बेंज ने चार पहियों वाली कार का निर्माण किया।

इन्होंने अपने चार पहिया वाहन का नाम बेंज विलो रखा  और इसकी अधिकतम गति 20 किलोमीटर प्रति घंटा थी और इसमें 3 हॉर्स पावर का इंजन लगाया गया था। इस चार पहिया वाहन को सफलतापूर्वक बना लेने के पश्चात इसे आम लोगों के लिए प्रदर्शित किया गया। फिर इसके बाद इस कार को आम लोग भी इस्तेमाल करने लगे। इस कार के डिमांड उस समय इतनी ज्यादा हो चुकी थी कि 1894 से लेकर 1902 के बीच लगभग 1200 बेंज विलो कार का निर्माण किया गया और उसे आम लोगो के लिए भी उपलब्ध करवाया जाने लगा।

निष्कर्ष

अगर आपको Car Ka Avishkar Kisne Kiya लेख हेल्पफुल रहा है तो फिर आप यह लेख अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करना और इसके अलावा अगर आपको इस लेख से संबंधित कोई भी जानकारी चाहिए तो उसके लिए आप नीचे कमेंट बॉक्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Abhishek Maurya

मेरा नाम अभिषेक मौर्य है और मैं उत्तर प्रदेश वाराणसी डिस्ट्रिक्ट का रहने वाला हूं और मैं एक दिव्यांग हूं। मुझे अलग-अलग विषयों पर आर्टिकल लिखना बहुत अच्छा लगता है और इसी को मैंने अपना जुनून बनाया है। मैं पिछले 3 वर्षों से आर्टिकल लेखन का कार्य कर रहा हूं। आपको हमारे द्वारा लिखे गए लेख कैसे लगते हैं? आप हमें कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। मेरा भी एक हिंदी ब्लॉग है जिस पर मैं रिलेशनशिप के ऊपर आर्टिकल लिखता हूं जिसका यूआरएल इस प्रकार से है। माय वेबसाइट यूआरएल - https://hindibaatchit.com/

Leave a Reply