Communication Skill In Hindi – कम्युनिकेशन स्किल क्या है

Communication Skill In Hindi अगर आपकी बेहतर है तो आप आज के इस कंपटीशन के दौर में और खुद को प्रूफ करने के समय में सभी से पीछे रह जाओगे। इसीलिए आज के समय में सबके अंदर बेहतर कम्युनिकेशन स्किल होनी जरूरी है। कभी-कभी बेहतर कम्युनिकेशन स्किल की वजह से बिगड़ी हुई बात आसानी से बन जाती है और हम वह चीज अचीव कर लेते हैं। 

Table Of Contents
  1. Communication Skill In Hindi – कम्युनिकेशन स्किल क्या है 
  2. कम्युनिकेशन स्किल को इंप्रूव कैसे करें

जिसे अचीव करने में लोगों को काफी ज्यादा कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आज हम आपको अपने इस महत्वपूर्ण लेख में कम्युनिकेशन स्किल क्या होती है? एवं कम्युनिकेशन स्किल को इंप्रूव कैसे करें? के बारे में पूरी जानकारी देने वाले है ताकि आप अपनी कम्युनिकेशन स्किल को डेवलप करके अपने आप को दूसरों के सामने प्रूफ कर सको और वह सब कुछ अजीब कर सको जो सभी का सपना होता हैं।

Communication Skill In Hindi – कम्युनिकेशन स्किल क्या है 

दोस्तों अगर आपको कम्युनिकेशन स्किल को समझना है तो आप इसे साधारण शब्दों में कुछ इस प्रकार से समझने का प्रयास करें। उदाहरण के तौर पर हम इस लेख को आपके लिए प्रस्तुत कर रहे है और हमारे इस लेख में हम जिस विषय पर आपको जानकारी दे रहे है और हमारी जानकारी को आप जिस तरीके से आसानी से समझ पा रहे हो यही एक प्रकार से कम्युनिकेशन स्किल कहलाती हैं।

साधारण शब्दों में कम्युनिकेशन स्किल को हिंदी में अपनी बात को दूसरे के सामने आसानी से और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की कला को ही आप कम्युनिकेशन स्किल कह सकते हो। आपने नेताओं के भाषण तो जरूर सुने होंगे और उनके भाषण में ऐसे ऐसे शब्द और ऐसे ऐसी बातें होती है जो सामने वाला सुनकर प्रभावित होता है उनकी वही कम्युनिकेशन स्किल है जिसके जरिए हुए लोगों को संबोधित करके उन्हें अपने पक्ष में करते हैं।

कम्युनिकेशन स्किल के प्रकार

कम्युनिकेशन स्किल मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते है पहला मौखिक, दूसरा लिखित और तीसरा संकेतिक। अगर आपके अंदर इन तीनों प्रकार की कम्युनिकेशन स्किल है तो आप सामने वाले को अपनी बात से कैसे भी प्रभावित कर सकते हो और यहां तक कि आप उससे अपनी बात भी बनवा सकते हो। चलिए अब आगे हम इन तीनों कम्युनिकेशन स्किल के प्रकार को और विस्तार पूर्वक पर समझने का प्रयास करते हैं।

1. मौखिक कम्युनिकेशन स्किल (Verbal Communication Skills)

दोस्तों जब हमारे सामने एक या एक से अधिक लोग होते है और हम उनके बीच अपनी बात को रखना चाहते है या फिर अपनी बात को प्रूफ करना चाहते है तब ऐसे में हमें मौखिक कम्युनिकेशन स्किल का उपयोग करना होता है। मौखिक कम्युनिकेशन स्किल में आप सामने वाले को प्रभावी तरीके से एवं प्रामाणिकता के साथ अपनी बात को समझा सकते हो और अगर सामने वाला आपकी बात को सरलता से समझ पा रहा है तो आपकी वर्बल कम्युनिकेशन स्किल काफी बेहतर हैं।

2. लिखित कम्युनिकेशन स्किल (Written Communication Skills)

अगर आप रिटन कम्युनिकेशन स्किल को समझना चाहते हो तो इसका सबसे बड़ा और आसान उदाहरण आपके सामने ही प्रस्तुत किया गया है। अब आप सोच रहे होंगे कि हमारे सामने अभी तक तो कोई ऐसा उद्घाटन दिखाई नहीं दिया है तो दोस्तों हम आपको बता दें कि आज अगर आप हमारे इस लेख को पढ़ रहे हो और आपको हमारा यह लेख काफी प्रभावशाली एवं सरलता से समझ में आ रहा है तो यह हमारी लिखित संचार कला है यानी कि रिटन कम्युनिकेशन स्किल हैं।

3. अमौखिक कम्युनिकेशन स्किल (Non-Verbal Communication Skills)

इस प्रकार के कम्युनिकेशन स्किल में हम अपने बॉडी लैंग्वेज का सहारा लेते है। कभी-कभी हमें लोगों को अपनी बात को जताने के लिए या फिर अपनी वैल्यू दिखाने के लिए कुछ भी बोलने या फिर लिखकर समझाने की आवश्यकता नहीं है सिर्फ हमारी बॉडी लैंग्वेज ही वह सब कुछ कह देती है जो सामने वाला व्यक्ति अगर समझदार है तो समझ सकता है। उदाहरण के तौर पर एक दुबले-पतले व्यक्ति को लोग कमजोर समझते है और वही बॉडीबिल्डर को लोग काफी ताकतवर और प्रभावशाली समझते है एक प्रकार से यही नॉनवर्बल कम्युनिकेशन स्किल कहलाती हैं।

कम्युनिकेशन स्किल को इंप्रूव कैसे करें

मेरे प्यारे दोस्तों आज के समय में कम्युनिकेशन स्किल का बेहतर होना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। बहुत सारे लोग इस बारीक बात पर बिल्कुल भी नहीं दे ही देते। आपने देखा होगा टीवी रिपोर्टर, कोई बिजनेसमैन, मोटिवेशनल स्पीकर या फिर हम और आप जैसे अन्य व्यक्ति कभी-कभी ऐसे होते है जो अपनी बात को ऐसे रखते हैं। 

जैसे सामने वाला उनके किसी भी बात पर कोई सवाल ही नहीं उठा पाता। यह सब उनके अंदर बेहतर कम्युनिकेशन स्किल की वजह से हो पाता है। अगर आप कहीं पर जॉब करने के लिए इंटरव्यू देने जा रहे हो या फिर कोई रिटन एग्जाम दे रहे हो तो आपके अंदर अगर बेहतर कम्युनिकेशन स्किल हैं। 

तो आप सामने वाले को बड़ी ही आसानी से अपने शब्दों में कुछ भी समझा सकते हो और अपनी बात को प्रमाणित भी कर सकते हो। तो चलिए जानते है कि अपनी कम्युनिकेशन स्किल को हम कैसे इंप्रूव कर सकते है जिसकी जानकारी हमने नीचे कुछ पॉइंट के माध्यम से आपको विस्तार से समझाने का प्रयास किया हुआ हैं।

1. ऊंची आवाज में कभी भी बात ना करें

दोस्तों आप खुद सोचिए अगर आपके सामने कोई अपनी बात को ऊंची आवाज में कहेगा तो क्या आप उसकी बात को सुनना चाहोगे आपका जवाब होगा बिल्कुल भी नहीं। इसीलिए कम्युनिकेशन स्किल को डिवेलप करने के लिए आपको सबसे पहले इसकी शुरुआत अपनी आवाज में मिठास और   मध्यमता लाकर करनी चाहिए। किसी के सामने अपनी बात को कहने के लिए या अपनी बात को रखने के लिए आप साधारण और थोड़ी नीची आवाज में बात करने का प्रयास करें इसका बहुत प्रभाव पड़ता हैं।

2. प्रभावशाली शब्दों का उपयोग करें

दोस्तों जैसा कि हम सभी लोग अच्छी तरीके से जानते है शब्दों में वह ताकत होती है जो एक दुर्बल व्यक्ति के अंदर नहीं होती। हमारे कहने का तात्पर्य है कि अगर कोई दुर्बल व्यक्ति के अंदर ऐसी कम्युनिकेशन स्किल है जो अपने ताकतवर और प्रभावशाली शब्दों का उपयोग करके सामने वाले को  चित कर सकता है तो समझ लीजिए वह दुर्बल नहीं बल्कि काफी प्रभावशाली व्यक्ति माना जाएगा। कम्युनिकेशन स्किल को अपने अंदर डिवेलप करने के लिए आपको कभी भी कोई बात प्रभावशाली शब्दों के प्रयोग में कहनी चाहिए।

3. शांत मन और प्रमाणिकता के साथ जवाब दें

कभी-कभी हमारे सामने ऐसी परिस्थिति उत्पन्न हो जाती है जब हम अपनी बात को कहने के लिए काफी उत्तेजित होने लगते है और उसी समय हमारे सब्र का बांध धीरे-धीरे टूटने लगता है फिर हम ऐसे शब्दों का और ऐसे गतिविधि का इस्तेमाल करने लगते है जो समाज में हमारे सम्मान को ठेस पहुंचा देती है इसीलिए अगर आपको अपने अंदर कम्युनिकेशन स्किल को डेवलप करना है तो आपको शांत मन के साथ अपनी कोई भी बात को प्रमाणिकता के साथ कहनी है और ऐसे कहनी है जैसे आप अपने बात पर अटल हो और आपको कोई भी टस से मस नहीं कर सकता। इसका काफी ज्यादा सकारात्मक प्रभाव पड़ता है इस बात का ध्यान जरूर रखिएगा।

4. अपने मन को शांत करने का प्रयास करें

दोस्तों अगर आपको अपने अंदर बेहतर कम्युनिकेशन स्किल को डेवलप करना है तो इसके लिए आपको सबसे पहले इसकी शुरुआत अपने मन को शांत करके करनी चाहिए। मनुष्य का मन ऐसा होता है जो कभी भी शांत नहीं रहता कुछ ना कुछ उसके मन को शांत करने वाली भावनाएं हमेशा विकसित होती रहती है। आपको अपने अंदर मन को शांत करने वाले विचार लाने चाहिए और कभी भी अपने आप को अशांत रखने की कोशिश ना करें आपने बड़े-बड़े बिजनेसमैन को देखा होगा जब उन्हें बिजनेस में लॉस होता है तो उनका मन कभी भी अशांत नहीं होता बल्कि वह शांति से अपने अगले बिजनेस स्ट्रेटजी पर काम करने लगते है और फिर वह अपने आप को दोबारा बेहतर बनाकर एक नई शुरुआत के साथ अपने आप को सफल बना देते हैं।

5. अपने अंदर पॉजिटिव बॉडी लैंग्वेज बनाए रखें

दोस्तों इंसान की बॉडी लैंग्वेज में बहुत कुछ कहती है और बॉडी लैंग्वेज को देखकर ही सामने वाले को आसानी से जज भी किया जा सकता है। इसीलिए आपको अपने अंदर पॉजिटिव बॉडी इंटेंट लाना बेहद जरूरी है। अगर आपकी बॉडी लैंग्वेज पॉजिटिव रहती है तो सामने वाले को आपको ज्यादा कुछ कहने की भी आवश्यकता नहीं पड़ेगी और वे बिना कुछ कहे आपकी बात को आसानी से समझ सकता है। हमेशा आप अपने बॉडी को सकारात्मक प्रभाव शाली बनाकर रखें। 

6. सामने वाले से आई कांटेक्ट बना कर बात करें

दोस्तों जो लोग किसी भी व्यक्ति से आई कांटेक्ट बनाकर बात करते हैं उनकी बात का ज्यादातर प्रभाव सामने वाले पर पड़ता है। इसके पीछे यही कारण है कि सामने वाले को आपके अंदर के कॉन्फिडेंस के बारे में पता चल जाता है और उसे ऐसा लगता है कि आप शायद कहीं ना कहीं अपनी बात को पूरी सत्यता के साथ कह रहे हो और सामने वाला आपकी बात को समझने एवं मानने के लिए भी मजबूर हो जाता है। इसीलिए आपको कभी भी सामने वाले से अगर कुछ कहना है या फिर अपनी बात को रखनी है तो आपको आई कांटेक्ट बनाकर अपनी बात को कहना चाहिए ताकि इसका सकारात्मक प्रभाव सामने वाले पर पूरा का पूरा दिखाई दे और आप कभी भी खुद को नर्वस फील कर पाए।

7. अपने अंदर पॉजिटिव इंप्रेशन का निर्माण करें

दोस्तों कहते है ना कि सामने वाले पर आकर हमारा पहला इंप्रेशन सकारात्मक पड़ता है तो हमारा लास्ट इंप्रेशन भी सकारात्मक ही पड़ेगा। अगर आपको अपने अंदर बेहतर कम्युनिकेशन स्किल को डेवलप करना है तो सबसे पहले आपके अंदर पॉजिटिव इंप्रेशन को लाना बेहद जरूरी है। मेरे प्यारे दोस्तों अगर आपके अंदर पॉजिटिव इंप्रेशन है और इसका प्रभाव सामने वाले पर दिखाई दे रहा है तो समझ लीजिए आपके अंदर बहुत ही बेहतर कम्युनिकेशन स्किल डेवलप है और अगर नहीं है तो आप अपने अंदर पॉजिटिव इंप्रेशन का निर्माण करने की कोशिश करें और इसके लिए आप हमेशा खुद को पॉजिटिव रखे और हमेशा पॉजिटिव ही सोचे।

8. सही बात पर अपनी प्रतिक्रिया दें या फिर जवाब दें

हमने देखा है कि कई सारे लोग बिना कुछ सोचे समझे किसी भी व्यक्ति के विचार पर अपने विचार थोपने लगते है जोकि बिल्कुल भी सही नहीं है। किसी भी प्रकार का किसी को भी जवाब देने से पहले पूरी बात को समझने की कोशिश करें और बात की तह तक जाने का प्रयास करें। अगर आप सामने वाले की बात को समझ कर और उसके जड़ में जाकर उसका सटीक जवाब दोगे तो सामने वाले पर इसका पूरा का पूरा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और कभी भी हुए आपकी बात को काट नहीं सकेगा।

9. कभी भी कोई डिस्कशन को अरगुमेंट में परिवर्तित ना करें

अगर आप कभी किसी मीटिंग में हो या फिर कहीं ऐसी जगह पर हो जहां पर आपको किसी बात पर डिस्कस करना है और लोगों के सामने अपनी बात को रखना है तो कभी भी आप किसी भी प्रकार की डिस्कशन को उसे अरगुमेंट में परिवर्तित करने का बिल्कुल भी प्रयास ना करें। ऐसे बहुत सारे व्यक्ति होते ह जो डिस्कशन को अरगुमेंट में बदल देते है फिर उनकी बात को कोई नहीं सुनना चाहता और ना ही उनकी बात का किसी के ऊपर सकारात्मक असर होता है धीरे-धीरे व्यक्ति लोगों की नजर में गिरने लगता है और उसे कभी भी कोई डिस्कशन में भी शामिल करने के लिए नहीं कहता इसीलिए कभी भी आपको किसी भी प्रकार की डिस्कशन को अरगुमेंट में परिवर्तित करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

10. सामने वाले के पद को ध्यान में रखकर अपनी बात कहें

हमने देखा है कि कई सारे लोग ऐसे होते है जो सामने वाले के पद को या फिर सामने वाले के उम्र का ध्यान रखकर बात नहीं करते और अपने ही बातें उनके सामने जबरन रखने की प्रयास करते रहते है। अगर आपको अपने अंदर बेहतर कम्युनिकेशन स्किल को डेवलप करना है तो सबसे पहले आपको सामने वाले के पद को और सामने वाले की उम्र को ध्यान में रखकर अपनी बात कहनी चाहिए तभी आपकी बात को समझ में वैल्यू मिलेगी और आपकी बात को लोग समझने का प्रयास भी करेंगे।

11. छोटे बड़े सब को रिस्पेक्ट दे 

दोस्तों अगर आप किसी को परफेक्ट कम्युनिकेशन स्किल वाले व्यक्ति की उपाधि देना चाहोगे तो आप उसे दीजिए जो हर छोटे-बड़े की रिस्पेक्ट करता हो और उसकी बात को सम्मान करता हो। दोस्तों समाज में जो लोग सब की रिस्पेक्ट करते है और सबको एक ही दृष्टिकोण से देखते है अक्सर उन लोगों को काफी वैल्यू दी जाती है और उनकी बात को भी लोग सुनना एवं समझना चाहते हैं।

निष्कर्ष

अगर आपको Communication Skill In Hindi लेख हेल्पफुल रहा है तो फिर आप यह लेख अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करना और इसके अलावा अगर आपको इस लेख से संबंधित कोई भी जानकारी चाहिए तो उसके लिए आप नीचे कमेंट बॉक्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Abhishek Maurya

मेरा नाम अभिषेक मौर्य है और मैं उत्तर प्रदेश वाराणसी डिस्ट्रिक्ट का रहने वाला हूं और मैं एक दिव्यांग हूं। मुझे अलग-अलग विषयों पर आर्टिकल लिखना बहुत अच्छा लगता है और इसी को मैंने अपना जुनून बनाया है। मैं पिछले 3 वर्षों से आर्टिकल लेखन का कार्य कर रहा हूं। आपको हमारे द्वारा लिखे गए लेख कैसे लगते हैं? आप हमें कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। मेरा भी एक हिंदी ब्लॉग है जिस पर मैं रिलेशनशिप के ऊपर आर्टिकल लिखता हूं जिसका यूआरएल इस प्रकार से है। माय वेबसाइट यूआरएल - https://hindibaatchit.com/

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