D Pharma क्या है – D Pharma बनने के लिए जानिए योग्यता, फीस, जॉब के बारे में

आजकल हर कोई मेडिकल के फील्ड में किसी ना किसी प्रकार की डिग्री हासिल करना चाहता है डी फार्मा एक ऐसी ही प्रचलित डिग्री है जो आपको मेडिकल क्षेत्र के बारे में जानकारी देती है। अगर आप बारहवीं कक्षा के बाद मेडिकल क्षेत्र में कोई डिग्री हासिल करना चाहते हैं तो डी फार्मा डिप्लोमा डिग्री आपके लिए बेहतर हो सकता है आज के लेख में हम आपको D Pharma Kya Hai, इस डिग्री को आप कैसे हासिल कर सकते हैं साथ ही इसमें आपको किस तरह की जानकारी दी जाएगी इसके बारे में विस्तार पूर्वक बताने का प्रयास किया जाएगा। 

आज लोग अलग-अलग तरह के कोर्स कर रहे हैं और मेडिकल फील्ड में किया गया कोर्स सबसे अधिक अहमियत रखता है समाज में इस तरह के कोर्स की काफी इज्जत है डी फार्मा करने के बाद सबसे बड़ा फायदा आपको यह होगा कि आप दवाइयों की समझ रखेंगे जिससे आप अपना एक क्लीनिक का व्यापार शुरू कर सकते हैं इसके अलावा नौकरी के लिए दुनिया भर से आपको अवसर मिलेंगे। अगर डी फार्मा क्या होता है के बारे में आप अधिक जानकारी जानना चाहते हैं तो आज के इस लेख के साथ अंत तक बने रहें।

D Pharma क्या है

यह एक प्रचलित मेडिकल कोर्स है जो 12वीं पास करने के बाद किया जाता है यह एक डिप्लोमा कोर्स है जिसे करने के बाद अब अलग-अलग तरह के बीमारियों के बारे में समझ पाएंगे और जान पाएंगे कि किस बीमारी में किस तरह की दवाइयां दी जाती है दवाइयां कैसे बनती है और उनका इस्तेमाल किस प्रकार किया जाता है।

आज के समय में मेडिकल के क्षेत्र में की गई किसी भी प्रकार की डिग्री आने वाले समय में आपके समक्ष अवसर के नए दरवाजे खोल सकती है इसलिए लोग अलग-अलग तरह के मेडिकल डिग्री के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे है अगर आप बारहवीं कक्षा के बाद मेडिकल के क्षेत्र में किसी तरह की पढ़ाई करना चाहते है तो आप डी फार्मा करके किसी भी हॉस्पिटल में केमिस्ट की नौकरी कर सकते हैं इसके अलावा अगर आपको अलग-अलग तरह की दवाइयों का ज्ञान होगा तो आप खुद का क्लीनिक खोलकर दवाई भी बेच सकते हैं आज इस लेख में इस कोर्स के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई है जिसे समझने के लिए नीचे बताए गए निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

D Pharma का फुल फॉर्म क्या होता है

D Pharma का फुल फॉर्म Diploma in Pharmacy होता है।

यह एक मेडिकल डिग्री है जिसमें आपको दवाइयों के बारे में जानकारी दी जाती है इस कोर्स को करने के बाद आप किसी हॉस्पिटल में केमिस्ट के तौर पर काम कर सकते है। इस कोर्स को करने के बाद आप अलग-अलग तरह के बीमारी की दवाइयों के बारे में समझ पाएंगे साथ ही आप जान पाएंगे कि दवाइयों को कैसे रखा जाता है और किस दवाई का इस्तेमाल कब और कैसे किया जाता है।

D Pharma का क्या कार्य होता है

जैसा कि हमने आपको बताया बी फार्मा एक मेडिकल कोर्स है जिसे 12वीं कक्षा पास करने के बाद किया जाता है। यह एक बहुत ही प्रचलित दवाइयों से जुड़ा कोर्स है जिसे करने के बाद अब दवाइयों के इस्तेमाल संग्रहण और उनके बारे में विस्तार से समझ पाएंगे।

डी फार्मा कोर्स है जिसका कार्य होता है विद्यार्थी को दवाइयों के बारे में समझाना इस कोर्स को करने के दौरान अब दवाइयों की बनावट के बारे में समझ पाएंगे किस तरह की बीमारी में किस तरह की दवाइयां दी जाती है और उसे किस तरह खाया जाता है इसके बारे में समझ पाएंगे। दवाई से जुड़ी इतनी विस्तार पूर्वक जानकारी दी जाती है कि आप कुछ बीमारियों का इलाज केवल दवाई के दम पर समझ सकते हैं हालांकि आप एक डॉक्टर की तरह कार्य नहीं कर सकते मगर दवाइयों के विशेषज्ञ जरूर बन जाते हैं।

D Pharma में एडमिशन कैसे लें

अगर आप बी फार्मा के क्षेत्र में एडमिशन लेना चाहते हैं तो आपको बता दें कि इसके लिए सबसे पहले 12वीं कक्षा पास करनी होगी 12वीं कक्षा पास करने के बाद अगर आप डिप्लोमा करना चाहते हैं तो सरकारी या प्राइवेट कॉलेज से आप डी फार्मा की डिप्लोमा डिग्री हासिल कर सकते हैं।

अलग-अलग सरकारी और प्राइवेट संस्था के तरफ से एडमिशन का नोटिफिकेशन निकाला जाता है जिसके बारे में आप गूगल से जानकारी ले सकते हैं और 12वीं कक्षा पास करने के बाद अलग-अलग कॉलेज में आवेदन कर सकते हैं अगर आप किसी सरकारी कॉलेज में एडमिशन के लिए आवेदन करते हैं तो आपको इंट्रेंस परीक्षा पास करनी होगी आप एंट्रेंस परीक्षा में जिस तरह का अंक लाएंगे उसके आधार पर आपका एडमिशन तय किया जाएगा इसके अलावा अगर आप किसी प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन लेने जाते हैं तो 12वीं कक्षा में लाए मार्क्स के आधार पर मेरिट के नाम पर आप को एडमिशन दिया जाता है।

D Pharma का कोर्स कितने साल का होता है

अगर आप किसी कॉलेज में बी फार्मा के लिए एडमिशन करवाते है तो आपको इस कोर्स में 2 साल पढ़ाया जाता है इस 2 साल को 4 सेमेस्टर में विभाजित किया जाता है प्रत्येक 6 महीने के बाद एक परीक्षा होती है जो पहले सेमेस्टर की परीक्षा होती है इस तरह 2 साल के कोर्स में आपको 4 सेमेस्टर की परीक्षा पास करनी होती है जिसके बाद आप फार्मेसिस्ट बन जाते हैं।

यह एक डिप्लोमा कोर्स है मगर मेडिकल के क्षेत्र में होने की वजह से इसका महत्व स्नातक के जैसा ही है हालांकि अगर किसी नौकरी के लिए स्नातक डिग्री की आवश्यकता है तो आप डिप्लोमा डिग्री से आवेदन नहीं कर सकते मगर इस डिग्री का महत्व भी समाज में बहुत अधिक है अगर आप 12वीं के बाद तुरंत कोई कोर्स करना चाहते हैं तो उसके लिए यह डिप्लोमा डिग्री फायदेमंद हो सकती है।

D Pharma के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

ऊपर बताई गई जानकारियों को पढ़ने के बाद अगर आप मेडिकल के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते है और इस कोर्स में एडमिशन लेना चाहते हैं तो आपको कुछ एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया पास करना होगा जिसके बारे में नीचे विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई है अगर नीचे बताई गई एलिजिबिलिटी को आप पूरा करते हैं तो ही आप इस कोर्स के लिए एडमिशन ले सकते हैं – 

D Pharma के लिए योग्यता

  • डी फार्मा में एडमिशन लेने के लिए सबसे पहले आपको 12वीं कक्षा पास करनी होगी।
  • बारहवीं कक्षा को पास करते वक्त बोर्ड की परीक्षा में आपको कम से कम 50% अंक प्राप्त करने होंगे।
  • बारहवीं कक्षा को पास करते वक्त विषय के रूप में आपको भौतिक, रसायन और जीव विज्ञान का चयन करना होगा इसके अलावा अगर आपने भौतिक, रसायन और गणित विषय का चयन किया है तो भी आप इस कोर्स को कर सकते हैं।

D Pharma के लिए उम्र

भारत में किसी भी कोर्स को करने के लिए किसी भी प्रकार की उम्र सीमा नहीं बनाई गई है मगर कुछ कॉलेज में किसी डिग्री को करने के लिए अलग-अलग तरह की उम्र सीमा बनाई गई है। अगर हम डी फार्मा डिग्री की बात करें तो कुछ कॉलेजों के मुताबिक आप की न्यूनतम आयु 17 वर्ष और अधिकतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए।

D Pharma के लिए एग्जाम

अगर ऊपर बताई गई सभी जानकारियों को पढ़ने के बाद आप इस कोर्स में दाखिला लेना चाहते हैं तो जैसा कि हमने आपको बताया इस कोर्स को करने के लिए सरकारी कॉलेज में एंट्रेंस एग्जाम पास करना होता है।

आपको बता दें कि डी फार्मा कोर्स में एडमिशन लेने के लिए किसी भी प्रकार का सार्वजनिक इंट्रेंस एग्जाम नहीं होता यह एक साधारण इंट्रेंस एग्जाम किसी एक यूनिवर्सिटी और कॉलेज के द्वारा आयोजित किया जाता है जो मुख्य रूप से सरकारी कॉलेज होते है। 

सरल शब्दों में आप जिस सरकारी कॉलेज में आप एडमिशन लेना चाहते है उसके यूनिवर्सिटी के द्वारा डी फार्मा में एडमिशन लेने के लिए एक इंट्रेंस एग्जाम आयोजित करवाया जाता है जिसे पास करने के बाद ही अब डी फार्मा में एडमिशन ले सकते है। 

D Pharm करने के लिए सिलेबस

अगर आप इस कोर्स को करते हैं तो इस कोर्स को करने के दौरान आपको किस तरह के विषय के बारे में जानकारी दी जाएगी इसे समझाने के लिए हर सेमेस्टर में इस्तेमाल होने वाले किताबों की एक संक्षिप्त सूची नीचे दी गई है – 

1. D Pharma 1st Semester 

  • Pharmacognosy – I
  • Health Education and Community Pharmacy – I
  • Pharmacognosy Lab
  • Biochemistry and Clinical Pathology
  • Human Anatomy and Physiology Pharmaceutical Chemistry – I Lab

2. D Pharm 2nd Semester

  • Pharmaceutical Chemistry- I
  • Pharmaceutical Chemistry-II Lab
  • Drug Store and Business Management
  • Pharmaceutics Lab
  • Hospital and Clinical Pharmacy
  • Pharmacology and Toxicology

3. D Pharma 3rd Semester

  • Human Anatomy and Physiology – II
  • Pharmacognosy- II
  • Biochemistry and Clinical Pathology Lab
  • Health Education and Community Pharmacy
  • Antibiotics

4. D Pharma 4th Semester

  • Pharmaceutics
  • Health Education and Community Pharmacy- II
  • Pharmaceutical Chemistry-II
  • Pharmaceutical Jurisprudence
  • Hospital and Clinical Pharmacy Lab

भारत में डी फार्मा करने के लिए कॉलेज

अगर आप भारत में बी फार्मा करना चाहते हैं तो इसके लिए कौन से कॉलेज में आपको दाखिला लेना चाहिए इसके बारे में बताने के लिए नीचे कुछ प्रमुख कॉलेज की सूची दी गई है उन्हें ध्यानपूर्वक पढ़ें – 

  • स्वामी केशवानंद फार्मेसी संस्थान (SKIP), बीकानेर
  • लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), फगवाड़ा
  • कोटा कॉलेज आफ फार्मेसी (KCP), कोटा
  • ब्रेनवेयर यूनिवर्सिटी, कोलकाता
  • KIET ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस (KIET), गाजियाबाद
  • इनवर्टिस यूनिवर्सिटी (IU), बरेली

D Pharma करने के लिए फीस

अगर आप ऊपर बताई गई जानकारियों को पढ़ने के बाद डी फार्मा का कोर्स करना चाहते है तो आपको इसके लिए कितना पैसा खर्च करने की आवश्यकता है इसके बारे में जानकारी देते हुए हम कहेंगे कि अलग-अलग कॉलेज में अलग अलग तरह का खर्च होता है। कॉलेज दी जाने वाली सुविधा के आधार पर रखती है आप किस कॉलेज का चयन करते हैं और उसमे आपको कितना पैसा खर्च करना पड़ रहा है इसके बारे में जानकारी दी जाती है। 

अगर हम एक अंदाज पर आपको बताएं कि डी फार्मा करने के लिए कितना खर्च लगता है तो हम कहेंगे कि सरकारी कॉलेज से अगर आप इस डिग्री को करते है तो आपको ₹10000 से ₹20000 सालाना खर्च लगेगा अगर आप किसी प्राइवेट कॉलेज से डी फार्मा की डिग्री करते हैं तो यही खर्च आपको थोड़ा ज्यादा लगेगा अंदाज पर ₹100000 से ₹200000 सालाना खर्च किसी प्राइवेट कॉलेज में लग सकता है।

D Pharma करने के बाद कितनी सैलरी होती है

हम किसी भी तरह की पढ़ाई अच्छी कमाई के लिए करते हैं अगर आप डी फार्मा करने के बाद अपने करियर में अच्छा पैसा कमाना चाहते है और इसके लिए जानना चाहते है कि आप इस कोर्स को करने के बाद कितना पैसा कमा सकते हैं तो एक अंदाज पर हम आपको कहेंगे कि आप किस जगह नौकरी कर रहे हैं इस बात पर आपकी तनख्वाह निर्भर करती है आमतौर पर डी फार्मा करने के बाद लोग अपना क्लीनिक खोलते हैं जो एक तरह का व्यापार है अगर वह व्यवसाय अच्छा चलता है तो आप काफी अच्छी कमाई कर पाएंगे।

मगर डी फार्मा के बाद नौकरी की बात की जाए तो जब आप किसी प्राइवेट हॉस्पिटल में हार्वेस्ट के तौर पर नौकरी करेंगे तो आपकी तनख्वाह ₹30000 से ₹40000 प्रति माह होगी जो आगे आप के अनुभव पर बढ़ते हुए ₹70000 प्रति माह तक जा सकती है। इसके अलावा अगर आप किसी सरकारी अस्पताल में हार्वेस्ट के तौर पर नौकरी करेंगे तो आप की शुरुआती तनख्वाह ₹30000 प्रति माह होगी जो बढ़ते हुए ₹50000 प्रति माह तक जा सकती है।

निष्कर्ष

अगर आपको D Pharma Kya Hai लेख हेल्पफुल रहा है तो फिर आप यह लेख अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करना और इसके अलावा अगर आपको इस लेख से संबंधित कोई भी जानकारी चाहिए तो उसके लिए आप नीचे कमेंट बॉक्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Junaid Bashir

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