ग्रह किसे कहते है – Grah Kise Kehte Hai (ग्रह के नामों के बारे में जानिए हिंदी में)

ग्रह एक ऐसा शब्द है जो विज्ञान की दृष्टि में हमेशा अनेकों सवालों की घुट्टी बना रहता है। हमारे आकाश में बहुत सारे ऐसे राज है, जिन्हें अभी तक मनुष्य समझ नहीं पाया है मगर हमने अब तक इतना समझ लिया है कि आकाश में क्या-क्या है कितने दूर तक है इसी जानकारी ने हमें ग्रह के बारे में बताया है, हम जानते है आकाश में बहुत सारे ऐसे आकाशीय पिंड है जो किसी तारीख की परिक्रमा करते है जिन्हें ग्रह शब्द से संबोधित किया जाता है मगर यह ग्रह की परिभाषा नहीं है Grah Kise Kehte Hai और आप इसकी परिभाषा कैसे विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा में देंगे इसके बारे में सरल शब्दों में नीचे जानकारी दी गई हैं।

आकाश बाहर से जितना खूबसूरत लगता है अंदर से उससे कहीं ज्यादा खूबसूरत है आपको अगर विज्ञान में रुचि बढ़ानी है तो ग्रह और नक्षत्रों के बारे में पढ़ना चाहिए इसकी शुरुआत करते हुए आज के लेख में ग्रह किसे कहते है हमारे सौर मंडल में कितने ग्रह है और यह सब हमारे जीवन में कैसे आया इन सब के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देने का प्रयास किया गया हैं। 

ग्रह किसे कहते है

गृह अंतरिक्ष में किसी तारे की परिक्रमा करने वाले आकाशीय पिंड होते है, जो स्वयं के और उस तारे के बीच गुरुत्वाकर्षण दबाव के कारण एक सटीक रास्ते पर घूमते रहते हैं।

आज हमारे सौरमंडल में 8 ग्रह मौजूद हैमगर 2006 से पहले हमारे सौरमंडल में 9 ग्राहक हुआ करते थे 2006 में जब ग्रह की इस परिभाषा को अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के द्वारा सबके समक्ष रखा गया तो सबसे आखरी ग्रह प्लूटो इस परिभाषा पर खरा नहीं उतरा जिस वजह से उसे ग्रह की श्रेणी से बाहर निकालकर शुद्र ग्रह का नाम दे दिया गया।

आपको जानकर हैरानी होगी कि हमारे अंतरिक्ष में ग्रह के अलग-अलग प्रकार मौजूद है जिनमें बौने ग्रह, शुद्र ग्रह, और साधारण ग्रह आते हैं।

जैसा कि हमने आपको ग्रह की परिभाषा देते हुए बताया कि जब कोई आकाशीय पिंड किसी तारे और स्वयं के बीच के गुरुत्वाकर्षण बल के आधार पर एक निर्धारित रास्ते पर लगातार घूमते रहता है तो उसे ग्रह कहा जाता है मगर 2006 में पाया गया कि यम या प्लूटो नाम का ग्रह एक निर्धारित रास्ते पर नहीं घूम रहा वह अपने आसपास के ग्राहक और अन्य खगोलीय पिंडों के गुरुत्वाकर्षण बल से अपना रास्ता बदल देता है जिस वजह से उसे शुद्र ग्रह कि श्रेणी में रखा गया।

ग्रह का इतिहास

हमारे बीच ग्रह कैसे आया यह हर कोई जानना चाहता है आखिर यह धरती एक ग्रह है जो सूरज का चक्कर काटती है लोग यह जानना चाहते है कि किस प्रकार धरती और इसके अन्य ग्रह आज अस्तित्व में आ पाए है अलग-अलग वैज्ञानिक इसके ऊपर कई सालों से अध्ययन कर रहे है जिसके बाद हम इतना समझ पाए है कि गृह बिग बैंग की वजह से अस्तित्व में आए हैं। 

आज से करोड़ों और खरबों साल पहले अंतरिक्ष का सबसे बड़ा धमाका हुआ जिसमें अलग-अलग तरह के गैस, धुआ ताकत और अलग-अलग तरह की चीज है चारों तरफ फैल गई। जो गैस निकला था उसमें से हाइड्रोजन हीलियम मेथेन जैसे कुछ गैस एक जगह पर जमा हुए और उनके प्रेशर की वजह से हाइड्रोजन और हीलियम की परमाणु टूट गई जिससे बहुत ज्यादा गर्मी निकलने लगा और एक ऐसा गैस का गोला जो बहुत ज्यादा गर्मी देता है उसे आज के समय में वैज्ञानिकों के तरफ से तारा का नाम दे दिया गया। 

विस्फोट में गैस के अलावा जो अन्य गंदगी निकली थी वह किसी दूसरे जगह जमा हो गई और गुरुत्वाकर्षण बल की वजह से एक दूसरे के तरफ खींचती चली गई, उस वक्त अंतरिक्ष में कहीं गैस के टुकड़े जल रहे थे तो कहीं गंदगी और दुआएं से बना एस्ट्रॉयड तेजी से गुरुत्वाकर्षण बल की वजह से इधर-उधर खींचता चला जा रहा था।

ऐसी ही गुरुत्वाकर्षण बल से खींचता चला आ रहा एक एस्ट्रॉयड हमारे सूर्य से कोई खरब साल पहले टकरा जाता है जिससे सूर्य में एक विस्फोट होता है और सूर्य के कुछ टुकड़े आकाश में फैल जाते है। वह टुकड़े ज्यादा दूर नहीं जा पाते क्योंकि सूर्य का गुरुत्वाकर्षण बल उनको खींच लेता है उन टुकड़ों में भी अपना गुरुत्वाकर्षण बल था जिस वजह से दोनों गुरुत्वाकर्षण बल के बीच एक ऐसा सामंजस्य बैठता है कि कुछ टुकड़े सूर्य के गुरुत्वाकर्षण में बंध जाते है, और गोल गोल इसका चक्कर काटते रहते हैं।

जब वे टुकडे गरम थे और नए-नए गुरुत्वाकर्षण बल से बंधे थे तो ज्यादा तेजी से सूर्य का चक्कर काटते थे और वक्त के साथ तेजी से सूर्य का चक्कर काटने की वजह से वे ठंडे हो जाते है, जैसे जैसे उन टुकड़ों का गैस ठंडा होता चला जाता है सूर्य को काटने की रफ्तार धीरे होते चली जाती है। और यह सभी ठंडी गैस के टुकड़े सख्त हो जाते है और यह एक ऐसे टुकड़े बन जाते है जो सूर्य का चक्कर एक निर्धारित रास्ते पर गुरुत्वाकर्षण बल की वजह से काट रहे होते है जिसके आधार पर हमारे वैज्ञानिकों ने इन्हें ग्रह का नाम दिया।

सोलर सिस्टम क्या है

उस विस्फोट की वजह से सूर्य के जितने भी ग्रह सूर्य के गुरुत्वाकर्षण बल में पकड़ा गए थे उन सभी ग्रहों ने अपने गुरुत्वाकर्षण बल को सूर्य के साथ इस तरह सामंजस्य में बैठाया की वे सूर्य का एक निर्धारित रास्ते पर चक्कर काटने लगे इस तरह के कुल 8 ग्रह हुए तो जब हम अपने सूर्य को आठ ग्रहों के बीच घिरा हुआ देखते हैजहां वह आठ ग्रह सूर्य का चक्कर काट रहे है तो इस पूरे सिस्टम को सोलर सिस्टम का नाम देते हैं।

इस नाम में सोलर का तात्पर्य सूर्य से है और जिस तरह से उन सभी ग्रहों ने एक निर्धारित सिस्टम बना लिया है जिसमें हम पाते है कि एक निर्धारित रास्ते पर निर्धारित समय में प्रत्येक ग्रह अपना चक्कर काट रहा है इस पूरे सिस्टम को समझने और संबोधित करने के लिए सोलर सिस्टम का नाम दिया गया।

सोलर सिस्टम का इतिहास

ऊपर बताई गई घटना के अनुसार जब गृह का निर्माण हुआ और गुरुत्वाकर्षण की वजह से वह सभी ग्राहक आपस में जुड़ गए और सूर्य का चक्कर काटने लगे तब सोलर सिस्टम का निर्माण हुआ।

वैज्ञानिकों ने इसके ऊपर गहन चिंतन करके पाया कि प्रत्येक ग्रह का एक निर्धारित समय है जिस समय पर वह अपने स्थान पर परिक्रमा पूरी करता है और उसके बाद एक दूसरा निर्धारित समय है जिसके अनुसार वह सूर्य की परिक्रमा पूरी करता है और इस तरह सोलर सिस्टम में प्रत्येक ग्रह अपना एक अलग इतिहास और कार्यप्रणाली रखते हैं।

ग्रह के नाम

प्रत्येक व्यक्ति को ग्रह के नाम के बारे में जानकारी होनी चाहिए यह एक सामान्य ज्ञान है जो विभिन्न परीक्षा में पूछा जा सकता है आपको इसके बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी रखनी चाहिए जिसे सरल शब्दों में नीचे बताया गया है – 

2. Mercury (बुध)

बुध हमारे सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह है सूर्य के सबसे करीब रहने वाला यह ग्रह बड़ी तेजी से सूर्य का चक्कर काटता है और सबसे गर्म ग्रह के रूप में जाना जाता है। अंग्रेजी में इस ग्रह को मरकरी कहा जाता है सामान्य ज्ञान के रूप में हमारे सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह जिसके पास कोई चंद्रभान नहीं है वह मरकरी हैं।

3. Venus (शुक्र)

शुक्र को सबसे खूबसूरत सीताराम माना जाता है। हमारे सौरमंडल का यह दूसरा ग्रह है सल्फर इतना ज्यादा है कि वह पूरा जगह मिला हो चुका है जिस वजह से सूर्य की रोशनी में आने पर यह चमकता है इस ग्रह को भोर का तारा कहा जाता है क्योंकि आप सूर्य के उगने से कुछ देर पहले सुबह-सुबह इसे आसमान में देख सकते है। शुक्र को अंग्रेजी में विनस कहा जाता है इसके पास भी कोई चंद्रमा नहीं है और यह सौरमंडल का सबसे तेज घूमने वाला ग्रह हैं।

3. Earth (पृथ्वी)

हमारे सौरमंडल का एक मात्र ऐसा ग्रह जहां जीवन मौजूद है वह पृथ्वी है जहां इस वक्त हम रह रहे है। पृथ्वी हमारे सौरमंडल का तीसरा ग्रह है यह ग्रह एक मात्र ऐसा ग्रह है जहां पानी मौजूद है। पृथ्वी के पास एक चंद्रमा हैं।

 4. Mars (मंगल)

लाल बालू से भरा हुआ यह ग्रह बिल्कुल धरती के ही जितना बड़ा है और धरती के जितना ही इसको वक्त लगता है सूर्य की परिक्रमा करने में इस वजह से वैज्ञानिकों को बहुत अधिक संभावना है कि मंगल ग्रह से किसी पुरानी सभ्यता की जानकारी मिल सकती है या फिर आने वाले समय में वहां जीवन बसाया जा सकता है मंगल ग्रह पर दो चंद्रमा है और इसे लाल ग्रह के रूप में जाना जाता हैं।

5. Jupiter (बृहस्पति)

बृहस्पति या जुपिटर हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है यह एक मात्र ऐसा ग्रह है जहां फोर्स कोई भी चीज में मौजूद नहीं है यह दुआ का गोला है। आकार और भार में ज्यादा होने की वजह से यह ग्रह बहुत धीरे है, बृहस्पति के पास सबसे ज्यादा चंद्रमा मौजूद है इस ग्रह के पास कुल 63 चंद्रमा मौजूद हैं।

6. Saturn (शनि)

सबसे खूबसूरत ग्रहों में से एक सनी है इसके चारों तरफ छोटे-छोटे टुकड़े और धुंए से एक रिंग बना हुआ है ऐसे बहुत सारे रिंग के बीच यह ग्रह है उस रिंग के बीच कुछ बहुत बड़े बड़े टुकड़े मौजूद हैजो एक अलग ग्रह की तरह काम करते है और वह सनी के चक्कर काटते है, उनके ऊपर वैज्ञानिक अभी अध्ययन कर रहे हैयह ग्रह है धरती से बहुत बड़ा और बहुत दूर है इसके ऊपर कुल 56 चंद्रमा मौजूद हैं।

7. Uranus (अरुण)

यह भी एक खूबसूरत है नीला ग्रह है मगर यह पानी की वजह से नहीं गैस की वजह से नीला दिखता है यह ग्रह सूर्य से काफी दूर होने की वजह से बहुत ठंडा है और यहां पर सभी गैस जम चुके है, वह जमे हुए गैस नीले रंग के दिखाई पड़ते है। यह धरती से काफी बड़ा और बहुत दूर है साथ ही सूर्य का बहुत धीरे-धीरे चक्कर काटता है इस ग्रह पर 13 चंद्रमा मौजूद हैं।

8. Neptune (वरुण)

यह हमारे सौरमंडल का सबसे आखरी ग्रह है सूर्य से बहुत दूर होने की वजह से यह बहुत धीरे चलता है और बहुत ठंडा हो चुका है इस ग्रह पर कुल 14 चंद्रमा मौजूद है उनमें से आखरी चंद्रमा को 2013 में खोजा गया, इस ग्रह पर भी सभी चीज गैस में मौजूद है और वह सारा गैस सूर्य से दूर होने की वजह से जमकर ठोस बन चुका हैं।

ग्रह के बारे में पूछे जाने वाले प्रश्न

यहाँ पर मैंने ऐसे कुछ सवालों के जवाब दिए है जो की अक्सर लोग ग्रह के बारे में पूछते रहते हैं।

Q. हमारे सौरमंडल का सबसे तेज घूमने वाला ग्रह कौन सा हैं?

शुक्र हमारे सौरमंडल का सबसे तेज घूमने वाला ग्रह है इसे सबसे खूबसूरत ग्रह भी कहा जाता हैं।

Q. प्लूटो को ग्रह से क्यों निकाल दिया गया?

खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार एक ग्राह किसी तारे के साथ अपने गुरुत्वाकर्षण बल का सामंजस्य बनाकर एक सटीक रास्ते पर घूमता है मगर इस परिभाषा पर प्लूटो खरा नहीं उतरता वह है अरुण वरुण के गुरुत्वाकर्षण बल से प्रभावित हो जाता हैं।

Q. किस ग्रह के पास सबसे ज्यादा चंद्रमा हैं?

हमारे सौरमंडल में बृहस्पति के पास सबसे ज्यादा चंद्रमा है इस ग्रह के पास कुल 63 चंद्रमा मौजूद हैं।

निष्कर्ष

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Abhishek Maurya

मेरा नाम अभिषेक मौर्य है और मैं उत्तर प्रदेश वाराणसी डिस्ट्रिक्ट का रहने वाला हूं और मैं एक दिव्यांग हूं। मुझे अलग-अलग विषयों पर आर्टिकल लिखना बहुत अच्छा लगता है और इसी को मैंने अपना जुनून बनाया है। मैं पिछले 3 वर्षों से आर्टिकल लेखन का कार्य कर रहा हूं। आपको हमारे द्वारा लिखे गए लेख कैसे लगते हैं? आप हमें कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। मेरा भी एक हिंदी ब्लॉग है जिस पर मैं रिलेशनशिप के ऊपर आर्टिकल लिखता हूं जिसका यूआरएल इस प्रकार से है। माय वेबसाइट यूआरएल - https://hindibaatchit.com/

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