Linux क्या है – लिनक्स का क्या इतेहास है जानिए हिंदी में

मोबाइल या कंप्यूटर चलाने के लिए बहुत सारे प्रोग्राम की आवश्यकता पड़ती है जो एक ऑपरेटिंग सिस्टम के द्वारा नियंत्रित किया जाता है लिनक्स एक ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रकार है जिसका हम आज अपने कंप्यूटर और मोबाइल में इस्तेमाल करते है। अगर अपने इस शब्द को कहीं पढ़ा या सुना है और उसके बाद अपनी जिज्ञासा जागी है Linux Kya Hai जानने की तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं। 

आज हम मोबाइल और कंप्यूटर का इस्तेमाल अपने रोजमर्रा के जीवन में करते है और आज ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए Windows, Google, और Mac काफी मशहूर है, मगर इनसे पहले यूनिक नाम का ऑपरेटिंग सिस्टम चलता था। Linux उसी ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रकार है। इसके अलावा लिरिक्स का इस्तेमाल हम आज भी अपने विभिन्न मशीनों में करते है इस लेख में हम आपको विस्तार पूर्वक बताने जा रहे हैं।

Linux क्या है

लाइनक्स यूनिक्स जैसा एक ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसका इस्तमाल हम कम्प्यूटर या मोबाइल के विभिन्न प्रोग्राम को रन करने के लिए करते है। यह एक ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है जिससे हम मुक्त स्रोत सॉफ्टवेयर भी कहते है, क्योंकि कोई भी इंटरनेट से लिरिक्स के कोड को मॉडिफाई करके निजी या व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल कर सकता हैं।

जब हम किसी कंप्यूटर या मोबाइल को शुरू करते है तो जो भी सबसे पहले देखते है वो कंप्यूटर या मोबाइल के मेमोरी में ऑपरेटिंग सिस्टम कुछ कोड के साथ लोड रहता है इस वजह से देख पाते है। जो खुलती ही अपना कार्य करता है और आपको स्क्रीन पर तमाम चीजें दिखाई देती है जिसका आप इस्तेमाल कर पाते हैं। 

तो किसी भी कंप्यूटर या मोबाइल को शुरू करने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम के कोड काफी अहम भूमिका निभाते है। लाइनक्स भी एक ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसे कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन ना केवल देख सकता है बल्कि उसका इस्तेमाल अपने जरूरत अनुसार कर सकता हैं। 

लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम को पर्सनल कंप्यूटर के इस्तेमाल के लिए बनाया गया था मगर इसका इस्तेमाल आज गेमिंग कंसोल लैपटॉप कंप्यूटर मोबाइल यहां तक की विभिन्न गाड़ियों में भी किया जाता हैं। 

Linux का फुल फॉर्म इन हिंदी

लाइनेक्स एक ऑपरेटिंग सिस्टम है जिस का फुल फॉर्म Lovable Intellect Not Using XP होता हैं। 

लाइनेक्स ऑपरेटिंग सिस्टम को एक लोगों की ऑनलाइन कम्युनिटी द्वारा बनाया गया था जिसे Linus Torvalds नियंत्रित कर रहे थे। उनके नाम के पश्चात ही इस ऑपरेटिंग सिस्टम को लाइनेक्स का नाम दिया गया यह एक ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम है अर्थात इसका कोई मालिक नहीं है ऑनलाइन आप इसे देख सकते है और इसके कोड में बदलाव करके अपना निजी या व्यवसायिक इस्तेमाल के लिए एक ऑपरेटिंग सिस्टम बना सकते हैं। 

Linux की शुरुआत कैसे हुई

90 के दशक में जब कंप्यूटर बड़ी तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा था तब एक छात्र जिसका नाम था Linux Torvalds वो उस समय का कम्प्यूटर Unix 386 intel को खरीदना चाहता था मगर आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से वह उस कंप्यूटर को खरीदना सका। फिर उसने इस बात की पढ़ाई की कि कंप्यूटर किस प्रकार से काम करता है और ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में काफी गहन जानकारी पाने के बाद उसने अपना एक ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने का निर्णय लिया। 

पहले कंप्यूटर आकार में बहुत बड़े होते थे उनमें कुछ भी सॉफ्टवेयर होते थे और हर कंप्यूटर के लिए अलग-अलग सॉफ्टवेयर आता था। इस छात्र ने एक ऐसा ऑपरेटिंग सिस्टम बनाया जिसका इस्तेमाल सभी कंप्यूटर में किया जा सके ताकि हर कंप्यूटर के लिए अलग-अलग सॉफ्टवेयर बनाने की आवश्यकता ना पड़े और एक ही सॉफ्टवेयर को अलग-अलग कंप्यूटर में डाउनलोड किया जा सके। 

यहीं से 1960 में लाइनेक्स नाम का एक ऑपरेटिंग सिस्टम बनाया गया जिसका नाम छात्र के नाम पर दिया गया था। यह ऑपरेटिंग सिस्टम काफी अच्छे से काम करता था मगर इसमें बहुत सारी कमियां थी, जब यह बात Linux Torvalds को पता चली तो उन्होंने लाइनेक्स को सभी के लिए मुफ्त कर दिया ताकि जिसे भी इस ऑपरेटिंग सिस्टम में बदलाव करना हो वह अपने विचार अनुसार कुछ बदलाव कर सके। 

लाइनेक्स के बनने के पश्चात आज तक लाइनेक्स में लाखों बदलाव किए गए मगर मुख्य रूप से लाइनेक्स को 1991 में at&t के लैब में पूरी तरह विकसित माना गया। इस प्रकार 1991 से लाइनेक्स का इस्तेमाल विभिन्न कंप्यूटरों में किया जा रहा है आज हम लाइनेक्स ऑपरेटिंग सिस्टम को अपने कंप्यूटर, मोबाइल, गेम कंसोल के साथ-साथ गाड़ियों में भी करते हैं। 

लाइनेक्स की जरूरत है हमें इतनी ज्यादा है कि लाइनेक्स को ना केवल पर्सनल कंप्यूटर बल्कि मेनफ्रेम और टॉप 50 सुपर कंप्यूटर में भी इस्तेमाल किया गया हैं।

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Linux का मालिक कौन है

जैसा कि हमने आपको बताया लाइनेक्स को बनाने का श्रेय अमेरिका के एक छात्र Linux Torvalds जाता है। मगर उन्होंने जब लाइनेक्स को बनाया था तो इसमें काफी खामियां थी इस खामियों को सुधारने के लिए उन्होंने लाइनेक्स को इंटरनेट पर सभी के लिए मुफ्त कर दिया ताकि हर व्यक्ति अपने विचार अनुसार इसमें सुधार कर सके। 

इसके बाद लाइनेक्स में पूरी दुनिया के लोगों के द्वारा बहुत सारे सुधार किए गए जिस वजह से हम आज के समय में इस्तेमाल किए जाने वाला लाइनेक्स बना पाए, मगर हम यह कह सकते है, कि लाइनेक्स ऑपरेटिंग सिस्टम की नीव Linux Torvalds ने रखी थी। 

अंततः हम यह कह सकते है कि लाइनेक्स का कोई मालिक नहीं है यह इंटरनेट पर सभी के लिए मुफ्त मौजूद है। आज आप इंटरनेट पर लाइनेक्स ऑपरेटिंग सिस्टम के कोड को देख सकते है और उन्हें अपनी सुविधा अनुसार सुधार कर अपने निजी इस्तेमाल के लिए या व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए एक खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम बना सकते हैं। 

लाइनेक्स के कितने कॉम्पोनेंट है

जैसा कि हम जानते है लाइनेक्स एक ऑपरेटिंग सिस्टम है और ऑपरेटिंग सिस्टम में विभिन्न प्रकार के बहुत सारे कोड होते है हर कोड का अपना अलग कार्य होता है इस वजह से इस समझने के लिए हर कोड को अलग-अलग कॉम्पोनेंट में विभाजित कर दिया जाता हैं।

लाइनेक्स में कुल तीन प्रकार के कॉम्पोनेंट है –

  • Kernel
  • System Library
  • System Utility

1. Kernel 

Kernel लाइनक्स का सबसे महत्वपूर्ण या मुख्य कॉम्पोनेंट माना जाता है। इस कॉम्पोनेंट की वजह से लाइनेक्स में विभिन्न प्रकार के मॉड्यूल है जो डायरेक्ट हार्डवेयर से जुड़कर के लाइक्स को काम करने लायक बनाते है। केरल की वजह से लाइनेक्स में वह सारे कोड आते है जो हाई लेवल से लो लेवल तक के प्रोग्राम को पूरा करते हैं। 

2. System Library

जब कोई नया व्यक्ति लैनिक्स का इस्तेमाल कर रहा होगा तो वह इस बात को कैसे समझेगा कि कौन से कोड का इस्तेमाल कब करना है इस वजह से सिस्टम लाइब्रेरी को बनाया गया जो इस ऑपरेटिंग सिस्टम में जरूरत के कोड को रखता है ताकि लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में नए कोड को जोड़ते या हटाते वक्त आपको यह पता रहे कि कौन सा जरूरी कोड है और उसे कहा इस्तेमाल करना हैं।

आसान भाषा में सिस्टम लाइब्रेरी वो जगह है जहां बहुत सारे कोड को रखा जाता है ताकि लर्नेक्स में कोड लिखते वक्त आपको पता चल सके कि कहा कौन सा कोड डालना हैं।

3. System Utility

यह कुछ खास कामों के लिए रखा गया अर्थात सिस्टम यूटिलिटी जिम्मेदार है लाइनक्स में कुछ खास काम को करने के लिए। 

Linux के कमांड्स इन हिंदी

जैसा कि हमने आपको बताया कि आप लाइनेक्स के कोड को इंटरनेट से हासिल कर सकते है और उन कोर्ट में अपने हिसाब से बदलाव कर सकते है। उन कोड में अगर आपको बदलाव करना है तो आप किस प्रकार कर सकते है और किस कमांड का क्या अर्थ निकलता है इस बात को नीचे एक टेबल के जरिए समझाया गया हैं। 

Is:इस कॉन्टेंट से current directory content को लिस्ट किया जाता हैं।
cat:इस कोड से फाइल के कंटेंट को स्क्रीन पर डिस्प्ले किया जा सकता हैं।
history:इससे आप executed command list को स्क्रीन पर देख सकते हैं। 
chmod:इस कोड से फाइल को परमिशन दिया जाता है। 
chown:इस कोड के जरिए आप फाइल का ऑनर बदल सकते हैं। 
find:इससे आप फाइल में कुछ भी सर्च कर सकते हैं। 
df:इससे disk space कितना बचा है ये चेक कर सकते हैं।
mkdir:इससे आप नया directory बना सकते हैं। 
mv:इस कोड से फाइल को rename और move किया जाता हैं।
Ipr:इससे आप फाइल के कंटेंट को प्रिंट कर सकते है 
cp:Folder को कॉपी करने के लिए इस कोड का इस्तमाल करते हैं। 
cd:अपने current directory content को बदलने के लिए इस कोड का इस्तमाल करते हैं। 
su:आप अलग अलग यूजर में switch करने के लिए इस comand का इस्तमाल करना चाहिए। 
rm:इससे आप फाइल और डायरेक्टरी को remove कर सकते हैं। 
ssh:किसी remote मशीन के साथ कनेक्ट करने के लिए आप इस कोड का इस्तमाल कर सकते हैं। 

Linux और विंडोज़ में क्या अंतर है

जैसा कि आपको पता है लाइनेक्स और विंडोज़ दोनों ही ऑपरेटिंग सिस्टम है आज के समय हम दोनों का इस्तेमाल अपने मोबाइल और कंप्यूटर में कर रहे है। मगर अब विंडोस का इस्तेमाल ज्यादा देखते होंगे ऐसा इस वजह से क्योंकि विंडोस का इस्तेमाल करना ज्यादा आसान हैं।

  • मगर क्या आपको पता है कि विंडोज और लाइनेक्स में क्या अंतर है। इस लेख में नीचे आपको बताया गया है कि विंडोज और लाइनेक्स के मुख्य अंतर क्या हैं। 
  • विंडोस का इस्तेमाल करते वक्त आप यह पाएंगे कि सभी जानकारी को रखने के लिए विंडोज में C, D, E नाम के ड्राइव बने होते है। मगर ऐसा कोई भी ड्राइव जानकारी इकट्ठा करने के लिए लाइनेक्स में नहीं बना होता हैं। 
  • विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल आप तीन तरह के अकाउंट बनाकर कर सकते है जिनमें गेस्ट, एडमिनिस्ट्रेटर और स्टैंडर्ड नाम के तीन अकाउंट शामिल है। दूसरी तरफ लाइनेक्स का इस्तेमाल करने के लिए भी अब तीन तरह के अकाउंट बनाकर कर सकते है मगर उनके नाम रेगुलर, रूट तथा सर्विस हैं। 
  • लाइनेक्स में ओपन सोर्स सिस्टम कार्य करता है जबकि विंडोज में क्लोज सोर्स सिस्टम कार्यकर्ता है। जिसका अर्थ यह है कि लाइनेक्स के लिए आपको किसी भी प्रकार की मंजूरी की आवश्यकता नहीं है मगर विंडोज का इस्तेमाल करने के लिए आपको इस ऑपरेटिंग सिस्टम को खरीदना होगा या कंपनी से मंजूरी लेनी होगी। 
  • विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम को लाइनक्स की तुलना में ज्यादा सुरक्षित माना जाता है क्योंकि विंडोज में बहुत कम वायरस हमले होते हैं।
  • एक विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम को एक यूजर इस्तेमाल कर सकता है जबकि लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम को एक से ज्यादा यूजर इस्तेमाल कर सकते हैं। 

Linux के बारे में पूछे जाने वाले प्रश्न

यहाँ पर मैंने ऐसे पांच सवालों के जवाब दिए है जो की अक्सर लोग लाइनेक्स के बारे में पूछते रहते हैं।

Q. लाइनेक्स क्या हैं?

लाइनेक्स एक ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसका इस्तेमाल आज हम सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में कर रहे हैं।

Q. लाइनेक्स का मालिक कौन हैं?

लाइनेक्स एक ओपन सोर्स है इसका कोई मालिक नहीं है लाइनेक्स को आप इंटरनेट से ले सकते है और उसके कोड में बदलाव करके अपना खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम बना सकते हैं। 

Q. लाइनेक्स का आविष्कार किसने किया था?

लाइनक्स का आविष्कार Linux Torvalds ने किया था। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को अपने कंप्यूटर के लिए बनाया था मगर इस ऑपरेटिंग सिस्टम में काफी खामियां थी जिस वजह से इसे उन्होंने इंटरनेट पर डाल दिया ताकि कोई भी व्यक्ति इसमें सुधार करके इस ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल कर सके।

Q. लाइनेक्स का इस्तेमाल हम कहां करते हैं?

लाइनक्स एक ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसका इस्तेमाल हम आजकल के मोबाइल कंप्यूटर यहां तक की गाड़ियों में भी करते हैं। 

Q. लाइनेक्स और विंडोज़ में कौन ज्यादा अच्छा हैं?

Linux और windows दोनो ही ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसका इस्तेमाल हम अपने कंप्यूटर में करते है और विंडोज को ज्यादा अच्छा माना जाता है क्योंकि उसमें वायरस के हमने काफी कम होते हैं। 

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निष्कर्ष

अगर आपको Linux Kya Hai लेख हेल्पफुल रहा है तो फिर आप यह लेख अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करना। इसके अलावा अगर आपको इस लेख से सम्बंधित कोई भी जानकारी चाहिए तो उसके लिए आप निचे कमेंट बॉक्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

Abhishek Maurya

मेरा नाम अभिषेक मौर्य है और मैं उत्तर प्रदेश वाराणसी डिस्ट्रिक्ट का रहने वाला हूं और मैं एक दिव्यांग हूं। मुझे अलग-अलग विषयों पर आर्टिकल लिखना बहुत अच्छा लगता है और इसी को मैंने अपना जुनून बनाया है। मैं पिछले 3 वर्षों से आर्टिकल लेखन का कार्य कर रहा हूं। आपको हमारे द्वारा लिखे गए लेख कैसे लगते हैं? आप हमें कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। मेरा भी एक हिंदी ब्लॉग है जिस पर मैं रिलेशनशिप के ऊपर आर्टिकल लिखता हूं जिसका यूआरएल इस प्रकार से है। माय वेबसाइट यूआरएल - https://hindibaatchit.com/

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