महाभारत किसने लिखी थी और क्यों लिखी गयी?

हिंदू धर्म में अलग-अलग प्रकार के ग्रंथ लिखे गए है जो हमारे रोजमर्रा के जीवन से संबंध रखते है। महाभारत एक ऐसी ही पवित्र ग्रंथ है जो हमें जीवन में सही और गलत की दार्शनिक शिक्षा देती है। जरूर आपने महाभारत की कहानी को सुना या कहीं देखा होगा, क्या आप Mahabharat Kisne Likhi Thi जानते है? हर नागरिक को अपने देश में इस्तेमाल होने वाले धर्म ग्रंथ के रचयिता के बारे में जानकारी होनी चाहिए। 

आज इस लेख में हम आपको केवल महाभारत के रचयिता के बारे में ही नहीं, बल्कि महाभारत के इतिहास और इसके पीछे के महत्व के साथ-साथ महाभारत के सिख के बारे में भी विस्तार पूर्वक जानकारी देंगे। अगर आप महाभारत का इतिहास और महाभारत के रचयिता के बारे में जानना चाहते हैं तो हमारे लेख के साथ अंत तक बनी रहे। 

महाभारत क्या है?

महाभारत हिंदू धर्म का एक पवित्र ग्रंथ है। हिंदू धर्म की सबसे पवित्र ग्रंथ “श्रीमद्भागवत गीता” महाभारत का ही एक अंश है।

ऐसा कह सकते है कि महाभारत एक ऐसा महा ग्रंथ है जो जीवन जीने के सलीके के बारे में सिखाती है। महाभारत एक सच्ची घटना पर आधारित है जो आज से लगभग 7000 वर्ष पहले घटी थी। मगर महाभारत किस सच या झूठ से ज्यादा महत्व महाभारत की कहानी का है। महाभारत हमें सिखाती है कि जीवन में किस तरह के लोग मिलते है, अलग-अलग परिस्थिति में हमें किस प्रकार से फैसला लेना चाहिए, अगर भगवान अपनी जिंदगी धरती पर बिताएं तो वह अपने फैसले कैसे लेंगे और एक राक्षस अपने फैसले कैसे लेता है। महाभारत पूरी तरह से सत्य झूठ, सही और गलत की ऐसी किताब है जिसे इतनी खुशूरती से लिखा गया है कि वह आपको सोचने पर मजबूर कर देगी कि ऐसी परिस्थिति में सही क्या होता है और गलत क्या होता है।  

महाभारत का इतिहास

कुछ विशेषज्ञों और सूत्रों के मुताबिक महाभारत का इतिहास विश्व के कुछ सबसे पुराने इतिहास में से एक है। एक अनुमान के मुताबिक महाभारत का आज से तकरीबन 7000 साल पुराना इतिहास है।

महाभारत दो भाइयों के बीच की कहानी है। जहां एक तरफ कौरो भाई और दूसरी तरफ पांडव भाई थे। महाभारत का इतिहास केवल दो भाइयों के बीच की लड़ाई नहीं है यह एक ऐसा ग्रंथ है जिसे आप जिस नजरिए से पड़ेंगे आपको उस नजरिए के लोग नजर आने लगेंगे। महाभारत ग्रंथ में जितने भी पात्र का चयन किया गया है वह इतनी खूबसूरत केदार है कि आपको उनके साथ अपना जीवन नजर आने लगेगा।

अगर पांडव पुत्रों की तरफ हर कोई गलती को माफ करने के लिए तैयार था तो उनके बीच भीम जैसा कोई था जो दुश्मन के खून पीने की प्रतिज्ञा लेता है। अगर आपको कौरो पुत्र में हर कोई बुरा नज़र आता है तो आप कर्ण की महिमा को कैसे भूल सकते है जिसके पुण्य कर्मों ने भगवान को उसके दरवाजे पर हाथ फैला कर खड़ा कर दिया। महाभारत के पात्र हमें सिखाते हैं कि जीवन में किस तरह की परेशानियां आती हैं और उस वक्त आपको किस तरह का व्यवहार करना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण बताते है कि मुस्कुराते हुए हर समस्या को देखिए तो उसका समाधान दिखेगा। गीता का उपदेश इसी ग्रंथ का तो हिस्सा है जो आपके जीवन की हर परेशानी का समाधान देता है।  

महाभारत का इतिहास बहुत बड़ा है जो अलग-अलग तरह के पात्रों के इतिहास से घिरा हुआ है। महाभारत का इतिहास हमारे समय के सभी इतिहास का निचोड़ है हमारे जीवन का सार है।

महाभारत किसने लिखी थी

ग्रंथ महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास थे। महर्षि वेदव्यास बहुत बड़े ऋषि और पंडित थे। जिन्होंने अपनी दिव्य दृष्टि से पूरे भारतवर्ष के राजाओं के बीच हो रहे महाभारत की घटना को देखा और उसे आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल के रूप में ग्रंथ बनाया।

महर्षि वेदव्यास ने महाभारत की रचना आज से कई हजार साल पहले की थी। मगर उन्होंने जिस खूबसूरती से महाभारत के ग्रंथ को लिखा है वह आज भी लोगों के जीवन के मार्गदर्शन के लिए सबसे सटीक मानी जाती है।

महाभारत क्यों लिखी गई थी

एक नजरिए से देखा जाए तो महाभारत केवल दो भाइयों के बीच की लड़ाई है। मगर इस लड़ाई में आने वाले किरदार और लड़ाई का कारण रोजमर्रा के जीवन से ही तो प्रेरित है। महाभारत लिखने का मुख्य मकसद लोगों को सही और गलत किस प्रकार हमारे जीवन से जुड़ जाता है उसके बारे में बताना है। महाभारत एक ऐसा ग्रंथ है जिसे इस तरह से लिखा गया है कि पढ़ने वाला व्यक्ति अपने नजरिए के हिसाब से इस दुनिया को देख पाएगा।

महाभारत को लिखने का मकसद आपके व्यक्तित्व को निखारने है। अगर आप गलत लोगों के बीच हो तो आप वहां कर्ण की तरह बन सकते हो। अगर आप अपने जीवन की सभी परेशानियों को खत्म करना चाहते हो तो आप भगवान कृष्ण की तरह मुस्कुराते हुए हर परेशानी का सामना करना शुरू कर सकते हो। अगर आप ऐसी परिस्थिति में फंसे हो जहां आपके मन में अलग-अलग तरह के सवाल आ रहे हैं आप डिस्ट्रैक्ट हो रहे हो या डिप्रेस्ड हो रहे हो तो आप अर्जुन के स्थान पर खुद को रख कर देख सकते हो। जीवन में आपके फैसले आपके साथ क्या कर सकते है और एक सही व्यक्ति को किस प्रकार फैसला लेना चाहिए इसके बारे में आप महाभारत ग्रंथ से सीख सकते हो।

महाभारत लिखने में कितना समय लगा था

महाभारत का युद्ध 18 दिन तक चला था। इसके अलावा महाभारत काल में 100 साल से अधिक कौरव और पांडव की कहानी चली थी। इस पूरी घटना के अध्ययन से यह मालूम पड़ा है की 3100 ईसा पूर्व के आसपास महाभारत ग्रंथ की रचना की गई होगी। 

इतने बड़े ग्रंथ की रचना वेदव्यास के द्वारा कितने समय में की गई थी इसके बारे में किसी को जानकारी नहीं है मगर महाभारत लगभग 7000 वर्ष पहले घटित हुई थी और कुछ सूत्रों के मुताबिक 3100 ईसा पूर्व महाभारत ग्रंथ की रचना महर्षि वेदव्यास के द्वारा की गई थी।

निष्कर्ष

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Abhishek Maurya

मेरा नाम अभिषेक मौर्य है और मैं उत्तर प्रदेश वाराणसी डिस्ट्रिक्ट का रहने वाला हूं और मैं एक दिव्यांग हूं। मुझे अलग-अलग विषयों पर आर्टिकल लिखना बहुत अच्छा लगता है और इसी को मैंने अपना जुनून बनाया है। मैं पिछले 3 वर्षों से आर्टिकल लेखन का कार्य कर रहा हूं। आपको हमारे द्वारा लिखे गए लेख कैसे लगते हैं? आप हमें कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। मेरा भी एक हिंदी ब्लॉग है जिस पर मैं रिलेशनशिप के ऊपर आर्टिकल लिखता हूं जिसका यूआरएल इस प्रकार से है। माय वेबसाइट यूआरएल - https://hindibaatchit.com/

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