(One Time Password) OTP क्या है पूरी जानकारी जानिए हिंदी में

आज के समय में हम जो भी ऑनलाइन लेन-देन करते है उसे सुरक्षा की जरूरत होती है हमारे ऑनलाइन लेन देन को सुरक्षा प्रदान करने के लिए OTP का निर्माण किया गया। OTP एक ऐसा कोड होता है जो हर बार बदलता रहता है और कुछ देर के लिए ही मान्य होता हैं।

अगर आपके मन में कभी इस बात की जिज्ञासा उत्पन्न हुई है कि OTP Kya Hai तो आप बिल्कुल सही जगह पर है इस लेख में हम आपको विस्तार पूर्वक बताने जा रहे है की OTP क्या है और इसका इस्तेमाल क्यों और कैसे करते हैं। 

OTP क्या हैं

OTP एक कोड होता है जो कुछ समय के लिए मान्य होता है जब हम ऑनलाइन कुछ खरीदते या किसी प्रकार का लेनदेन करते है तो बैंक की ओर से OTP इस बात की पुष्टि करने के लिए भेजा जाता है की आप अपने पैसे का लेन-देन अपनी जानकारी में कर रहे है या नही। 

OTP एक पासवर्ड की तरह काम करता है जिसका केवल एक बार इस्तेमाल किया जा सकता है। जब हम किसी वेबसाइट पर लॉगइन करते है या फिर डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके ऑनलाइन कुछ खरीदते है तो हमारे डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड की बैंक के तरफ से या उस वेबसाइट की तरफ से एक कोड भेजा जाता है जिस कोड से वह कंपनी इस बात की पुष्टि करता है कि यह कार्य आपके द्वारा ही किया जा रहा हैं। 

आपने कभी फॉर्म भरते वक्त या ऑनलाइन कोई सामान खरीदते वक्त OTP भरने का एक जगह देखा होगा और यह सोचा होगा कि यहां क्या भरते है? तो आपको बता दें कि वहां वही खास कोड भरा जाता है जो इस कंपनी की तरफ से आपके लिए आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा गया होगा। 

अर्थात OTP केवल एक कोड होता है जो कंपनी की तरफ से कुछ समय के लिए भेजा जाता है जिसका इस्तेमाल आप केवल एक बार कर सकते है और इस कोड के जरिए कंपनी इस बात की पुष्टि करता है कि जो कार्य किया जा रहा है वह आपकी देखरेख में किया जा रहा हैं।

अपना OTP पता करने के लिए आपको उस क्षेत्र में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल नंबर या पंजीकृत मोबाइल नंबर के बारे में पता होना चाहिए। याद रखें OTP हमेशा पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाता हैं।

OTP फुल फॉर्म इन हिंदी

OTP का फुल फॉर्म One Time Password होता है। इसका अर्थ होता है एक बार इस्तेमाल किए जाने वाला पासवर्ड। हमने आपको पहले भी यह बात बताया है कि OTP एक पासवर्ड की तरह काम करता है और जब तक आप OTP नहीं देते तब तक आप अपने लेनदेन की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ा सकते हैं। 

OTP पता करने के लिए आपको अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर पता होना चाहिए। चाहे आप किसी भी जगह पर लेनदेन कर रहे हो या लॉगिन करने का प्रयास कर रहे हो अगर आपको OTP मांगा जा रहा है तो उस क्षेत्र से जुड़े मोबाइल नंबर को देखें केवल पंजीकृत मोबाइल नंबर पर कंपनी द्वारा OTP भेजा जाता हैं। 

OTP का इतिहास

मुख्य रूप से OTP के आविष्कार का श्रेय हमें गिलबर्ट वरनाम को देना चाहिए। वह एक AT &T के इंजीनियर थे। उन्होंने रेंडमाइज की को स्टोर करने के लिए क्रिप्टोग्राफी का एक सिस्टम बनाया था। आगे चलके OTP किस सिस्टम में इस आविष्कार की अहम भूमिका रही और उनकी इस आविष्कार की वजह से OTP के बारे में हम जान पाए। 

1920 के दशक में OTP ने सभी का ध्यान अपनी ओर केंद्रित किया और जर्मन क्रिप्टोलॉजिस्ट Schauffler ने किया। शुरुआत में OTP का इस्तेमाल अमेरिका के सैन्य बल में किया जाता था 1923 में सर्वप्रथम जर्मन ने OTP का इस्तेमाल सार्वजनिक रूप से शुरू किया। 

OTP के बारे में एक रोचक बात यह है कि OTP का इस्तेमाल द्वितीय विश्वयुद्ध में भी बड़े जोरों शोरों से किया जाता था। उम्मीद करते है आप OTP के बारे में रोचक बातें जान गए होंगे। 

OTP ऑनलाइन दुनिया में क्यों जरूरी हैं

OTP ऑनलाइन दुनिया में काफी अहम है, इसका मुख्य कारण यह है कि ऑनलाइन दुनिया में आपकी चीजे ज्यादा सुरक्षित नहीं है। ऑनलाइन आपकी चीजे बड़ी आसानी से हैक की जा सकती है और आपको हैक से बचाने के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है OTP। 

OTP का इस्तेमाल करने से बैंक को इस बात की पुष्टि हुई हो जाती है कि इस लेनदेन में आप मौजूद थे और फ्रॉड की संभावना कम हो जाती है। इस वजह से आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आप कभी अपना OTP किसी और को ना बताएं। 

OTP एक ऐसी सुविधा है जिससे लेनदेन के बारे में पंजीकृत मोबाइल नंबर के मालिक को पता चल जाता है अगर आपका मोबाइल नंबर आपके बैंक खाते के साथ जुड़ा हुआ है या फिर किसी भी जरूरी वेबसाइट से आपका मोबाइल नंबर पंजीकृत किया हुआ है तो उसके साथ किसी भी प्रकार का छेड़छाड़ करने पर आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर OTP आ जाएगा जो आपके सभी जानकारियों को काफी सुरक्षित बना देता हैं।

OTP के फायदे

OTP के बहुत सारे फायदे है उनमें से कुछ प्रमुख फायदे आपको इस लेख में नीचे विस्तार पूर्वक बताया जा रहे हैं।

  • OTP के होने की वजह से किसी भी प्रकार के लेन देन के बारे में पंजीकृत मोबाइल नंबर के मालिक को पता चल जाता हैं।
  • अगर आपका मोबाइल नंबर आप के खाते के साथ जुड़ा हुआ है तो आपके खाता से किसी भी प्रकार के लेनदेन को आगे बढ़ाने के लिए आपके मोबाइल नंबर पर आए हुए OTP का ज्ञान होना आवश्यक हैं।
  • OTP का इस्तेमाल केवल एक बार कर सकते है जिस वजह से आपके पुराने OTP के बारे में पता चलने के बाद भी कोई व्यक्ति इस्तेमाल नहीं कर सकता। 
  • OTP कुछ समय के लिए ही माने होता है जिस वजह से आपके किसी भी प्रकार के लेनदेन या ऑनलाइन प्रक्रिया को और सुरक्षित बना देता हैं।

OTP के नुकसान

OTP के कुछ नुकसान भी है जिनके बारे में नीचे बताया गया हैं।

  • अगर लेनदेन करते वक्ता आपका पंजीकृत मोबाइल नंबर आपके साथ नहीं है तो आपको प्रक्रिया आगे बढ़ाने में काफी मुश्किलों का सामना करना होगा। 
  • OTP केवल कुछ समय के लिए ही मान्य होता है इस वजह से आपको अपने OTP को तुरंत पता करना होता हैं।
  • आप OTP किसी को बता नहीं सकते इस वजह से वो टीपी पता करते वक्त आपको किसी की सहायता भी नहीं लेनी है जिससे आपके कार्य में थोड़ा और विलंब हो सकता हैं। 

OTP के बारे में पूछे जाने वाले प्रश्न

यहाँ पर मैंने ऐसे पांच सवालों के जवाब दिए है जो की अक्सर लोग OTP के बारे में पूछते रहते हैं।

Q. OTP का फुल फॉर्म क्या हैं?

OTP का फुल फॉर्म One Time Password होता हैं।

Q. OTP का इस्तेमाल कहां किया जाता हैं?

OTP का इस्तेमाल किस वेबसाइट पर लॉगइन करने में या ऑनलाइन में किसी भी प्रकार के लेनदेन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए किया जाता हैं।

Q. OTP का आविष्कार कब और किसने किया?

टीवी का आविष्कार 1920 में Schauffler ने किया था और इसका सर्वप्रथम सार्वजनिक इस्तेमाल जर्मन ने शुरू किया। 

Q. हम अपना OTP कैसे पता कर सकते हैं?

जब भी आप किसी वेबसाइट पर लॉगइन करने का प्रयास करेंगे या किसी लेनदेन प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे तो आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाएगा तो आपको अपना OTP पता करने के लिए अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर का SMS चेक करना हैं।

निष्कर्ष

अगर आपको OTP Kya Hai लेख हेल्पफुल रहा है तो फिर आप यह लेख अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करना। इसके अलावा अगर आपको इस लेख से सम्बंधित कोई भी जानकारी चाहिए तो उसके लिए आप निचे कमेंट बॉक्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

Abhishek Maurya

मेरा नाम अभिषेक मौर्य है और मैं उत्तर प्रदेश वाराणसी डिस्ट्रिक्ट का रहने वाला हूं और मैं एक दिव्यांग हूं। मुझे अलग-अलग विषयों पर आर्टिकल लिखना बहुत अच्छा लगता है और इसी को मैंने अपना जुनून बनाया है। मैं पिछले 3 वर्षों से आर्टिकल लेखन का कार्य कर रहा हूं। आपको हमारे द्वारा लिखे गए लेख कैसे लगते हैं? आप हमें कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। मेरा भी एक हिंदी ब्लॉग है जिस पर मैं रिलेशनशिप के ऊपर आर्टिकल लिखता हूं जिसका यूआरएल इस प्रकार से है। माय वेबसाइट यूआरएल - https://hindibaatchit.com/

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