हमारे सौरमंडल में सबसे छोटा ग्रह कोनसा है जानिए हिंदी में

अंतरिक्ष हमेशा से रहस्यों की घुट्टी बना हुआ है। उसमें भी ग्रह एक ऐसा शब्द है जो हमारे मन को विभिन्न प्रकार के सवाल और जिज्ञासा से भर देता है। एक आम सवाल अक्सर लोग अंतरिक्ष के चर्चा के दौरान पूछते है कि Sabse Chota Grah कौन सा है। इस तरह के प्रश्न में अगर आप भी फंसे हुए है तो हम आपके जिज्ञासा की कद्र करते है और आज के लेख में ग्रह के संदर्भ में विस्तार पूर्वक जानकारी देने का प्रयास करेंगे। 

दोस्तों इस प्रश्न का जवाब सिर्फ सोचने पर आसान लगता है परंतु ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। अगर आपको भी सबसे छोटा ग्रह कौन सा है? के बारे में जानना है तो आपको हमारा आज का यह महत्वपूर्ण लेख अंतिम तक जरूर पढ़ना चाहिए। आपको इस प्रश्न का जवाब जान लेना चाहिए क्योंकि कभी-कभी कंपटीशन एग्जाम में भी यह प्रश्न आ जाता है और इसका लोग सही जवाब नहीं दे पाते इसलिए हम चाहते है कि आप हमारे .लेख को अंतिम तक अवश्य पढ़े ताकि आपको इस विषय पर अच्छे से जानकारी हासिल हो सके।

ग्रह किसे कहते है

सबसे छोटा या सबसे बड़े ग्रह को समझने से पहले यह आवश्यक है कि आप ग्रह की उचित परिभाषा को समझ लें। बच्चों को किताब में बताए जाने वाली एक साधारण परिभाषा कहती है कि जब कोई खगोलीय पिंड किसी तारा का चक्कर काटता है तो हम उस खगोलीय पिंड को ग्रह कहते हैं।

ग्रह की सबसे बड़ी खासियत होती है कि उसमें से किसी भी प्रकार की रोशनी नहीं निकलती मगर आपको बता दें की अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ के अनुसार यह परिभाषा गलत है। खगोलीय संघ के अनुसार ग्रह की उचित परिभाषा उन कारकों पर निर्भर करना चाहिए जो वक्त के साथ बदल नहीं सकते इस आधार पर गुरुत्वाकर्षण बल को केंद्र बिंदु बनाकर ग्रह को परिभाषित किया गया। 

अगर हम अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ के 2006 में पारित किए गए ग्रह की परिभाषा की बात करें तो उनके अनुसार जब कोई खगोलीय पिंड स्वयं के गुरुत्वाकर्षण बल के आधार पर गोल बनने और किसी तारे का चक्कर काटने के लिए पर्याप्त है तो उसे ग्रह कहा जा सकता हैं।

अपने सही समझा अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ के द्वारा 2006 में ग्रह की परिभाषा जब गुरुत्वाकर्षण बल के आधार पर की गई तो प्लूटो वह ग्रह था जो इस परिभाषा पर खरा नहीं उतरा और उसे सौरमंडल से बाहर निकाल दिया गया। 

हमारे सौर मंडल में कितने ग्रह है

ऊपर पढ़ी गई परिभाषा को समझने के बाद आप यह सोच रहे होंगे कि हमारे सौरमंडल में आखिर कितने ग्रह है। आपको बता दें कि वर्तमान में हमारे सूर्य मंडल में आठ ग्रह है। हमारे सूर्य मंडल में मौजूद 8 ग्रह के नाम – बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, सनी, अरुण, वरुण।

1. बुध

यह सूर्य के सबसे समीप का ग्रह है वर्तमान में हमारे सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह बुध है। सभी ग्रहों में सबसे अधिक गर्म दूध है इसका कोई उपग्रह नहीं है। यह ग्रह है कभी सूर्य के सबसे समीप तो कभी सूर्य से सबसे दूर होता है। अपने ध्रुव पर एक परिक्रमा करने में जहां धरती को 24 घंटे का वक्त लगता है वही बुध को 88 दिन का वक्त लगता है मगर यह ग्रह सूर्य का चक्कर 56 दिन में पूरा कर लेता हैं।

2. शुक्र

यह हमारे सौरमंडल का दूसरा ग्रह है जिसे सबसे चमकीला ग्रह कहा जाता है धरती से आप इस ग्रह को सुबह देख सकते है इस वजह से इसे मॉर्निंग स्टार भी कहा जाता हैं। 

3. धरती

धरती, पृथ्वी, वसुंधरा यह सब एक ही नाम है जो हमारी दुनिया को दर्शाती है। इसे नीला ग्रह कहा जाता है क्योंकि केवल इसी ग्रह पर पानी पाया जाता है। हमारे सौरमंडल में केवल पृथ्वी ही वह ग्रह है जहां जीवन की उत्पत्ति हुई हैं।

4. मंगल

लाल तारा के नाम से प्रसिद्ध यह ग्रह धरती के बाद आता है और धरती के चंद्रमा की जैसे दो उपग्रह रखता है। इस ग्रह पर काफी अधिक मात्रा में आयरन ऑक्साइड पाया जाता है जिस वजह से इस ग्रह का रंग लाल हो चुका है यह लाल रंग का बालू काफी अधिक पाया जाता हैं। 

5. बृहस्पति

बृहस्पति हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि केवल यही एक ऐसा ग्रह है जो पूरी तरह से धुआं का गोला है इस ग्रह पर ठोस पदार्थ एक भी मौजूद नहीं है इस ग्रह की हर चीज धुआं हैं। 

6. सनी

हमारे सौरमंडल का छठा ग्रह शनि है जो आकार में बृहस्पति से छोटा होने के कारण स्वरमंडल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है। यह ग्रह है चारों तरफ भिलाई से घिरा हुआ है जिसे हम रिंग भी कहते है। इस ग्रह की सबसे बड़ी खासियत है कि वह 65 उपग्रह अर्थात 65 चंद्रमा मौजूद है जिन्हें आप शनि ग्रह से देख सकते हैं। 

7. अरुण

यह ग्रह हरे रंग का दिखाई देता है क्योंकि इस ग्रह पर मेथेन ऑक्साइड नाम के जहरीले गैस की मात्रा काफी अधिक है। इस ग्रह के 27 उपग्रह है, साथ ही अरुण अपने कक्ष में पूर्व से पश्चिम की ओर घूमता हैं।

8. वरुण

हमारे सौरमंडल का वरुण आखरी ग्रह सूर्य से अधिक दूरी होने के कारण यह ग्रह काफी ठंडा है। वरुण के पास 14 चंद्रमा है। इस ग्रह को सूर्य की परिक्रमा करने में 165 वर्ष का समय लगता हैं।

सबसे छोटा ग्रह

ऊपर आपने सभी ग्रहों के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी इकट्ठा की उम्मीद करते है अब तक आप समझ गए होंगे कि स्वरमंडल का सबसे छोटा ग्रह कौन सा है। सटीक और सीधे रूप में उत्तर दें तो हमारे सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह बुद्ध हैं। 

बुध हमारे सौरमंडल का सबसे पहला ग्रह है इससे हमारे सौरमंडल का सबसे छोटा और गर्म ग्रह कहा जाता है। यह ग्रह सूर्य के इतने समीप है कि इसकी गर्मी सबसे अधिक होती है इस वजह से वहां एक भी उप ग्राहक मौजूद नहीं है सूर्य से करीब होने के कारण सूर्य का गुरुत्वाकर्षण बल बुध के गुरुत्वाकर्षण बल पर प्रभाव डालता है इस वजह से कभी या ग्रह सूर्य के सबसे करीब पहुंच जाता है तो कभी सूर्य से काफी दूर चला जाता हैं। 

आपको यह भी जानना चाहिए कि 2006 से पहले हमारे सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह यम को माना जाता था जिसे अंग्रेजी में प्लूटो कहा जाता है। 2006 से पहले गैलरी ओके दिए गए सिद्धांत पर हम ग्रहों की गणना करते थे उस सिद्धांत के आधार पर हमारे आकाशगंगा में 100 से अधिक ग्रह वैज्ञानिकों ने ढूंढा था। 

अगर हम ग्रह की एक और रोचक बात आपको बताए तो स्वरमंडल में सनी का एक उपग्रह है टाइटन और बृहस्पति का एक उपग्रह है यूरोपा। गैलीलियो के सिद्धांत के अनुसार इन दोनों उपग्रहों को भी ग्रह की श्रेणी में रखा गया था। हालांकि टैटन और यूरोपा से वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष के संदर्भ में विभिन्न प्रकार की जानकारी मिली मगर 2006 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष संघ के द्वारा एक लेख पारित किया गया जिसमें ग्रहों की गणना करने के लिए अलग परिभाषा का वर्णन किया गया जिस परिभाषा के बारे में हमने ऊपर आपको बताया हैं।

जब गुरुत्वाकर्षण बल के आधार पर हमने ग्रहों को परिभाषित किया तो यह पाया कि प्लूटो इस नियम का पालन नहीं करता इस वजह से ब्लूटूथ या यम जो कि 2006 से पहले हमारे सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह था उसे एक ग्रह की श्रेणी से ही बाहर कर दिया गया। 

उम्मीद करते है, आप समझ गए होंगे कि वर्तमान समय में हमारे सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह बुध हैं। 

बुध के बारे में कुछ खास

बुध हमारे सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह है केवल इतना कह देने से बुध की महत्वता खत्म नहीं हो जाती। बुध हमारे सौरमंडल के कुछ दिलचस्प ग्रहों में से एक है सबसे पहली खासियत तो यह कि यह सूर्य के सबसे समीप है। दूसरा बुध ग्रह सूर्य के इतने समीप होने के कारण भी हमारे सौरमंडल का सबसे चमकीला ग्रह नहीं है। यह सूर्य के इतने समीप आ चुका है कि सूर्य का गुरुत्वाकर्षण बुध के बर्ताव पर असर डालता हैं।

सूर्य की परिक्रमा करते वक्त बुध की दूरी कभी 460 लाख किलोमीटर दूर हो जाती है तो कभी 700 लाख किलोमीटर। 

हमारे सौर्य मंडल के इतने दिलचस्प ग्रह के बारे में हमें 1974 में अमेरिका के द्वारा भेजे गए मेरीन–10 के जरिए पता चला। इसके बाद 2004 में मैसेंजर नाम के एक अंतरिक्ष यान को बुध की ओर भेजा गया जो 2011 में उसकी कक्षा पर पहुंचकर बुध की तस्वीरें काफी करीब से लेकर आया। जिससे हमें पता चला कि दूध पर हमारे चंद्रमा की ही तरह बड़े बड़े गड्ढे हैं। 

अगर हम बुध के आकार की बात करें तो वह चंद्रमा से थोड़ा ही बड़ा है जहां चंद्रमा का व्यास 3000 किलोमीटर है वही बुध का व्यास 4000 किलोमीटर है आपको तो पता ही होगा कि पृथ्वी का व्यास 12700 किलोमीटर है अर्थात पृथ्वी बुध से 3 गुना बड़ी हैं। 

उम्मीद करते है हमारे बताए गए जानकारी से आप ना केवल स्वरमंडल के Sabse Chota grah बल्कि उसकी पृथ्वी के साथ तुलना साथ ही बाकी सभी ग्रहों के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी मिली होगी। 

निष्कर्ष

अगर आपको Sabse Chota Grah लेख हेल्पफुल रहा है तो फिर आप यह लेख अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करना और इसके अलावा अगर आपको इस लेख से संबंधित कोई भी जानकारी चाहिए तो उसके लिए आप नीचे कमेंट बॉक्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Abhishek Maurya

मेरा नाम अभिषेक मौर्य है और मैं उत्तर प्रदेश वाराणसी डिस्ट्रिक्ट का रहने वाला हूं और मैं एक दिव्यांग हूं। मुझे अलग-अलग विषयों पर आर्टिकल लिखना बहुत अच्छा लगता है और इसी को मैंने अपना जुनून बनाया है। मैं पिछले 3 वर्षों से आर्टिकल लेखन का कार्य कर रहा हूं। आपको हमारे द्वारा लिखे गए लेख कैसे लगते हैं? आप हमें कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। मेरा भी एक हिंदी ब्लॉग है जिस पर मैं रिलेशनशिप के ऊपर आर्टिकल लिखता हूं जिसका यूआरएल इस प्रकार से है। माय वेबसाइट यूआरएल - https://hindibaatchit.com/

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