समास किसे कहते है – समास के प्राकर, भेद के बारे में भी जानिए हिंदी में

जब हम किसी बड़ी बात को कुछ शब्दों में कहते है तो इसे समास कहा जाता है। हिंदी भाषा में बड़े-बड़े वाक्य को कहने के लिए छोटे शब्द का इस्तेमाल किया जाता है इसे कि समास कहा जाता है, यह हिंदी व्याकरण का बहुत ही महत्वपूर्ण अध्याय है जो हिंदी भाषा और उसमें बनने वाले शब्द के बारे में समझाता है। अगर आप गूगल पर samas Kise Kahate Hai  ढूंढ रहे है तो आज के लेख में हम आपको समास के बारे में उदाहरण के साथ विस्तार पूर्वक जानकारी देने जा रहे है।

हिंदी व्याकरण को अच्छे से समझने के बाद आप हिंदी शब्द की बारीकियों को समझ पाएंगे जो अच्छा हिंदी लिखने और विस्तार पूर्वक हिंदी समझने में आपकी मदद करेगा। हिंदी व्याकरण में अलग-अलग प्रकार के अध्याय होते है उनमें से एक महत्वपूर्ण अध्याय समास का माना जाता है जिसके बारे में हर किसी को मालूम होना चाहिए। वैसे यह अध्याय नौवीं और दसवीं क्लास के बच्चों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

समास किसे कहते है

दो या दो से अधिक शब्दों के परस्पर मेल को समाज कहते है। समाज एक ऐसा शब्द होता है जो विभिन्न प्रकार के शब्द के मिश्रण को अपने अंदर संजो कर रखता है।

समास शब्दों में अलग-अलग शब्द पद शामिल होते है जिसे समस्त पद कहा जाता है। जब समास पद को अलग-अलग समस्त पद में तोड़ा जाता है तो इसे हम समास विग्रह कहते है। समास का सबसे बेहतरीन उदाहरण – विद्यालय। 

विद्यालय शब्द अपने अंदर विभिन्न प्रकार के शब्दों का परस्पर सम्मेलन है। विद्यालय का मतलब होता है विद्या का घर, यहां विद्या का घर या विद्या मिलने वाले घर को छोटे में विद्यालय कहा जा रहा है इस वजह से यह एक समास शब्द है। 

समास का काम क्या होता है

समास एक महत्वपूर्ण शब्द है जिसका इस्तेमाल बहुत सारे शब्द पद के परस्पर सम्मेलन के समूह को किसी एक शब्द से संबोधित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। समाज का काम है बड़े-बड़े वाक्यों को छोटे रूप में समझाना।

समाज का काम अलग अलग शब्दों के परस्पर मेल से एक शब्द बनाना होता है। समास से बना हुआ शब्द, विग्रह के बाद प्रधान पद के आधार पर लिंग और वचन तय करता है। इस वजह से हम यह कह सकते है किसी भी शब्द के लिंग और वचन को समझने के लिए भी समाज का इस्तेमाल किया जाता है।

समास कितने प्रकार के होते है

समास विभिन्न प्रकार के होते है, और हर समाज अलग तरह के शब्द का निर्माण करता है जिसे समझने के लिए आपको जानना होगा की समास कुल 6 प्रकार के होते है – 

  • अव्ययीभाव समास 
  • तत्पुरुष समास 
  • द्वंद समास 
  • दिगु समास 
  • कर्मधारय समास
  • बहुव्रीहि समास 

अव्ययीभाव समास

अव्ययीभाव समास ऐसे शब्दों को कहते है जो दो तरह के पद से मिलकर बना होता है उसमें पहला पद प्रधान होता है।

जैसा कि हमने आपको बताया समास शब्द का विग्रह किया जाता है। जब हम अव्ययीभाव समास में आने वाले शब्दों का विग्रह करेंगे तो आपको 2 पद मिलेंगे जिसमें पहला पद प्रधान होगा, जिसके आधार पर उस पूरे पद का लिंग या वचन तय होगा। सरल शब्दों में हम ऐसा भी कह सकते है वैसे शब्द जो लिंग, वचन, कारक, काल के आधार पर नहीं बदलते है उन्हें अव्ययीभाव समास कहा जाता है।

उदाहरण

  • यथाशक्ति = शक्ति के अनुसार
  • यथाविधि = विधि के अनुसार

तत्पुरुष समास

तत्पुरुष समास ऐसा शब्द होता है जो 2 पद से मिलकर बनता है और उसका दूसरा पद प्रधान होता है।

इस समास में कर्ता तथा संबोधन कारक को छोड़कर शेष सभी कारकों के चिन्ह का लोप हो जाता है। तत्पुरुष समास के शब्द में लिंग, वचन अंतिम शब्द के अनुसार प्रयोग किया जाता है।

उदाहरण 

  • भूमिहीन = भूमि से गरीब
  • जेबकतरा = जेब को कतरने वाला

द्वंद समास

द्वंद समास समास होते है जो एक दूसरे को पूरा करते है और उन दोनों समाज के बीच में किसी भी प्रकार के योजक शब्द या कारक शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।

उदाहरण के रूप में समास का ऐसा शब्द जो किसी भी योजक या कारक शब्द से जुड़ा हुआ नहीं होता है उसे हम द्वंद समास कहते है।

उदाहरण

  • मां बाप
  • भाई बहन
  • लाभ हानि 
  • गुण दोष  

दिगु समास

जिस शब्द को 2 पदों में विभाजित किया जा सके और उसका प्रथम पद संख्यावाचक हो तो हम उसे दिघु समास कहते है। दिगु समास से ऐसे शब्द बनते है जिनमें पहला पत्र संख्या को दर्शाता है और इसके शब्द संख्या को संबोधित करने वाले शब्द होते है।

उदाहरण

  • दोराहा = जहां से दो रास्ता जाता हो
  • चौराहा = जहां से चार रास्ता जाता हो
  • अष्टकोण = जिसके 8 कोण हो 

कर्मधारय समास

कर्मधारय समास एक ऐसा समास होता है जिसमें विशेषण पद का इस्तेमाल किया जाता है अर्थात शब्द से किसी एक विशेषता का पता चल रहा हो। सरल शब्दों में हम ऐसा शब्द में हम इसे ऐसा शब्द भी कह सकते है जिसे विग्रह करने पर उपमान उपमेय के बारे में पता चलता है।

जब किसी शब्द में दो ऐसे पद का इस्तेमाल किया गया है जिसमें एक पद शब्द की विशेषता के बारे में बता रहा हो तो इसे हम कर्मधारय समास कहते है। 

उदाहरण

  • पुरुषोत्तम = जो पुरुषों में उत्तम हूं
  • पितांबर = पीला अंबर

बहुव्रीहि समास

इस तरह के समाज से एक ऐसा शब्द बनता है जिसके दोनों पद गौण होते है। इस तरह के समास शब्द का जब हम विग्रह करते है तो वाला है जो, जिसका, जिसकी, जैसे शब्द का इस्तेमाल होता है।

बहुव्रीहि समास बहुत सारे पदों से मिलकर बनता है साथ ही उसमें वाला है जो, जिसका, जिसकी जैसे शब्द का इस्तेमाल होता है इस तरह के शब्द में दोनों पद गौण होते है।

उदाहरण

  • दशानन = दस सिर वाला
  • श्वेतांबर = सफेद वस्त्र पहनने वाला 

समास का महत्व

हिंदी व्याकरण में समास बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है हम इसकी मदद से हिंदी भाषा और इसमें बनने वाले शब्द के बारे में समझ पाते है हमने समास के महत्व को नीचे सूचीबद्ध किया है उसे ध्यानपूर्वक पढ़ें – 

  • समास की मदद से हिंदी भाषा में अलग-अलग प्रकार के शब्द बनते है। 
  • समाज की मदद से हिंदी शब्द बनने की प्रक्रिया के बारे में समझा जा सकता है।
  • हिंदी के जटिल से जटिल शब्द को सरल बनाने में समास महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

Abhishek Maurya

मेरा नाम अभिषेक मौर्य है और मैं उत्तर प्रदेश वाराणसी डिस्ट्रिक्ट का रहने वाला हूं और मैं एक दिव्यांग हूं। मुझे अलग-अलग विषयों पर आर्टिकल लिखना बहुत अच्छा लगता है और इसी को मैंने अपना जुनून बनाया है। मैं पिछले 3 वर्षों से आर्टिकल लेखन का कार्य कर रहा हूं। आपको हमारे द्वारा लिखे गए लेख कैसे लगते हैं? आप हमें कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। मेरा भी एक हिंदी ब्लॉग है जिस पर मैं रिलेशनशिप के ऊपर आर्टिकल लिखता हूं जिसका यूआरएल इस प्रकार से है। माय वेबसाइट यूआरएल - https://hindibaatchit.com/

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