Informal Letter In Hindi को लिखने का सही तरीका जानिए

इनफॉर्मल लेटर का अर्थ होता है अनौपचारिक पत्र इस प्रकार के पत्र के बारे में लगभग सभी कक्षाओं में सिखाए जाते है। यह उस खास किस्म के पात्र होते है जिससे आप अपने प्रिय लोगों को लिखते है Informal Letter In Hindi क्या होता है और इसे हम किस प्रकार लिखते है इसकी विस्तारपूर्वक जानकारी इस लेख में दी गई हैं। 

एक अच्छा पत्र लिखना भी कला है, अच्छा पत्र लिखकर आप कहीं भी अपना कार्य करवा सकते हैं क्योंकि ज्यादातर सरकारी या निजी कार्यालयों में पत्र के आधार पर ही काम होता है। हम पत्र की अहमियत समझते है इसलिए आपको अनौपचारिक पत्र के सभी नियम और तरीके को आसान भाषा में समझाने का प्रयास कर रहे हैं। 

Informal Letter क्या है

जैसा कि हमने आपको बताया इनफॉर्मल का अर्थ होता है और औपचारिक अर्थात वैसे खत जो किसी कार्यालय या दफ्तर के लिए नहीं लिखे गए है। आप अपने निजी लोगों के लिए विशेष प्रकार का पत्र लिखते है उसे हम इनफॉरमल लेटर कहते हैं। 

सरल भाषा में कहा जाए तो अपने चाचा, मामा, दादा, नाना, पापा या किसी भी रिश्तेदार को लिखा गया पत्र अनौपचारिक पत्र कहलाता है। अगर आप अपने दोस्त को पत्र लिख रहे है तो वह भी अनौपचारिक पत्र कहलाता है। इस प्रकार के पत्र में किसी खास प्रकार के नियम को ध्यान में रखने की आवश्यकता नहीं होती। फिर भी एक अनौपचारिक पत्र कैसे लिखा जाता है इसकी जानकारी नीचे बताई गई हैं। 

Letter के प्रकार

जैसा कि हमने आपको बताया पत्थर की सहायता से बहुत सारे कार्यालयों में आज भी कार्य किया जाता है इसके अलावा हम अपने दूर बैठे रिश्तेदार को पत्र लिखकर कुछ जरूरी सुचना देते है, मगर दोनों प्रकार के पत्र में फर्क होता है इसी पर को बताते हुए हम आपको बताना चाहते है कि पत्र दो प्रकार के होते हैं– 

  • औपचारिक पत्र: वह सभी पत्र जिसे आप उस व्यक्ति के लिए लिखते हैं जो आपसे निजी संबंध नहीं रखता है या आपको किसी कार्यालय में अपने कार्यवश पत्र लिखना पड़ता है तो वह औपचारिक पत्र कहलाता हैं। 
  • अनौपचारिक पत्र: वह सभी पत्र जिसे आप अपने निजी व्यक्ति के लिए लिखते है जिसमें आपके दोस्त और रिश्तेदार शामिल है उन्हें अनौपचारिक पत्र कहते हैं। 

Informal Letter कैसे लिखते हैं

अगर आप इनफॉरमल लेटर लिखने के बारे में विचार कर रहे है तो नीचे बताए गए मुख्य बातों को जरूर ध्यान रखें – 

1. अपना पत्र संबोधन से शुरू करें

अनौपचारिक पत्र पत्र धारक के संबोधन से शुरू होता है अगर पत्र को पाने वाला आप से छोटा है तो प्रिया और अगर पत्र पाने वाला आप से बड़ा है तो उसे पूज्य लिख कर पत्र की शुरुआत करें। 

जैसे अगर आप अपने दोस्त या हमसफर को पत्र लिख रहे है तो उस वक्त प्रिया और उसका नाम लिखा जाता है। अगर आप अपने से बड़े किसी रिश्तेदार को पत्र लिख रहे हैं तो उस वक्त पूज्य लिखकर अपने उनके साथ रिश्ता बताना होता है जैसे – पूज्य पिताजी, पूज्य दादा जी आदि। 

ऐसा लिखने के बाद एक लाइन छोड़ कर उस दिन का दिनांक लिखें जिस दिन आप यह पत्र लिख रहे हैं। 

2. शिष्टाचार अभिवादन के साथ आपने बारे में बताना है

अब पत्र में संबोधन करने के बाद एक लाइन छोड़कर अपना पत्र शुरू कर सकते है जहां शुरुआत आपको शिष्टाचार के भाव से करना है अर्थात नमस्कार लिखना है और उसके बाद अपना हाल-चाल बताते हुए पत्र पाने वाले का हाल चाल पूछना हैं।

बकरा का पहला वाक्य आपके कुशल मंगल से शुरू होता है जहां आप अपना हाल-चाल बताते है और उनका हालचाल पूछते है उसके बाद पत्र लिखने का कारण बताते हैं। 

3. पत्र का मूल कथन

यह सब लिखने के बाद आपको वह सारी बातें लिखनी है जो आप अपने पत्र में लिखना चाहते है। बिल्कुल इस तरह से लिखे जैसे आप उस रिश्तेदार या दोस्त से बात कर रहे हो, मगर पत्र को पूरे शिष्टाचार और अदब से लिखें। 

4. पत्र समापन

ऊपर बताए गए सब कुछ लिखने के बाद अब बारी आती है पत्र समापन की इस वक्त शिष्टाचार का भाव दिखाते हुए पत्र का समापन करें। इस प्रकार के पत्र में आपको संबंधसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए आपका आज्ञाकारी या तुम्हारा प्रिय दोस्त जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अपने पत्र का समापन करें। 

याद रखें – इस प्रकार के पत्र में आपको विषय या पत्र भेजने वाले का पता लिखने की आवश्यकता नहीं होती। 

उम्मीद करते है इस लेख को विस्तार पूर्वक पढ़ने के बाद आप इनफॉर्मल लेटर कैसे लिखते है यह समझ गए होंगे। 

Informal Letter के बारे में पूछे जाने वाले प्रश्न

यहां पर हमने इंफॉर्मेशन लेटर कैसे लिखते हैं से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले कुछ प्रश्नों के सटीक उत्तर दिए हुए हैं।

Q. इनफॉर्मल लेटर किसे कहते हैं?

अनौपचारिक पत्र को इनफॉरमल लेटर कहते है इस प्रकार के पत्र के पात्र हम अपने निजी लोगों को लिखते हैं जो हमारे मित्र या रिश्तेदार होते हैं। 

Q. इनफॉर्मल लेटर इस वक्त किस बात का ध्यान रखना चाहिए?

वैसे तो इस प्रकार के पत्र में किसी खास तरीके को ध्यान में रखने की आवश्यकता नहीं होती मगर दिनांक और शिष्टाचार का भाव अपने लेख में जरूर रखें। 

Q. हम अनौपचारिक पत्र किसे लिखते हैं?

हम उन लोगों को अनौपचारिक पत्र लिखते है जिनसे हमारा निजी संबंध होता है जैसे हमारे रिश्तेदार और हमारे दोस्त। 

Q. अनौपचारिक पत्र कितने शब्दों में लिखना चाहिए?

पत्र को लिखने की कोई निश्चित शब्द सीमा नहीं होती मगर आम तौर पर इसे 100 से 150 शब्दों में लिखा जाता हैं। 

निष्कर्ष

अगर आपको Informal Letter In Hindi लेख हेल्पफुल रहा है तो फिर आप यह लेख अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करना और इसके अलावा अगर आपको इस लेख से संबंधित कोई भी जानकारी चाहिए तो उसके लिए आप नीचे कमेंट बॉक्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Abhishek Maurya

मेरा नाम अभिषेक मौर्य है और मैं उत्तर प्रदेश वाराणसी डिस्ट्रिक्ट का रहने वाला हूं और मैं एक दिव्यांग हूं। मुझे अलग-अलग विषयों पर आर्टिकल लिखना बहुत अच्छा लगता है और इसी को मैंने अपना जुनून बनाया है। मैं पिछले 3 वर्षों से आर्टिकल लेखन का कार्य कर रहा हूं। आपको हमारे द्वारा लिखे गए लेख कैसे लगते हैं? आप हमें कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। मेरा भी एक हिंदी ब्लॉग है जिस पर मैं रिलेशनशिप के ऊपर आर्टिकल लिखता हूं जिसका यूआरएल इस प्रकार से है। माय वेबसाइट यूआरएल - https://hindibaatchit.com/

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