टाइम कितना हो रहा है | Time Kitna Ho Raha Hai India Mai

कई बार मोबाइल में सही टाइम नही दिखाने पर लोगो के मन में सवाल उठता है Time Kitna Ho Raha Hai इसके अलावा लोग यह भी सोचते है कि गूगल पर कितना टाइम हो रहा है या भविष्य में अलग-अलग जगह पर कितना टाइम हो रहा हैं।

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा की दुनिया के अलग-अलग कोने में अलग अलग तरह का वक्त होता है अगर आपके घर में सुबह हुई है तो इसका मतलब नहीं कि दुनिया में हर जगह सुबह ही हो रहा हो इस बात को आज के लेख में अच्छे से समझाते हुए हम Time Kitna Ho Raha Hai की संपूर्ण जानकारी आपको देंगे। 

टाइम क्या होता है

एक सवाल जो हर किसी के मन में आती होगी कि यह टाइम क्या होता है। अगर सरल शब्दों में कहें तो टाइम एक मात्रक है जिसे बीते हुए समय को नापने के लिए बनाया गया है। टाइम वह मात्रक है जो हमें बताता है कि इस वक्त कितना समय बाकी है और कितना समय बीत चुका है। समय की मात्रा को संबोधित करने के लिए ही टाइम में घंटा, मिनट और सेकंड बनाया गया हैं।

अगर कोई आपसे यह पूछता है कि कितना समय बाकी है या कितना समय बीत चुका है तो ऐसे स्थान पर टाइम कितना हो रहा है जैसे प्रश्न पूछे जाते है आज हम अलग-अलग जगह में कौन सा टाइम हो रहा है इसके बारे में बात करेंगे।

दुनिया में अलग-अलग टाइम क्यों होता है

जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया कि अगर आपके घर में सुबह हो रही है तो इसका मतलब यह नहीं कि पूरी दुनिया में सुबह ही हो रही हो इस वाक्य से हमारा तात्पर्य है कि दुनिया में अलग-अलग जगह पर अलग-अलग टाइम होता है। यह बात लगभग हर कोई समझता है ही अलग अलग समय होता है मगर बहुत कम लोगों को पता है कि दुनिया में अलग-अलग टाइम क्यों होता है आज हम इसके बारे में चर्चा करेंगे।

जैसा कि आप सब समझते होंगे इस धरती सूर्य का चक्कर काटती है जब अपने ध्रुव पर धरती एक चक्कर काटती है तो 24 घंटे का वक्त लगता है इसी 24 घंटे को हम एक दिन कहते है और इसे मिनट और सेकंड में विभाजित कर दिया गया है। इसके बाद आपको यह समझना होगा कि धरती जब सूर्य का गोल एक चक्कर काट लेती है तो इसमें धरती को 365 दिन का वक्त लगता है जिसे हम 1 साल कहते है और इस पूरे समय अंतराल को कुछ महीनों में बांट दिया गया हैं। 

अब यह समझिए कि धरती बहुत छोटी नहीं है यह आकार में काफी बड़ी है तो जब यह घूमना शुरू करती है तो सूर्य की चमक धरती के जिस हिस्से पर सबसे पहले पड़ती है वह हिस्सा दिन कहलाता है और धरती के पीछे वाले हिस्से पर सूर्य की रोशनी नहीं पहुंच पाती है तो वह जगह रात कहलाता है। धीरे-धीरे धरती अपने ध्रुव पर घूमती है और जिस हिस्से पर सूर्य की रोशनी पढ़ रही थी वह हिस्सा पीछे जाने लगता है और पीछे वाला हिस्सा आगे आने लगता है इस प्रक्रिया में जब पीछे वाले हिस्से पर सूर्य की रोशनी पड़ती है तो वहां दिन हो जाता है और जहां दिन था वह पीछे चला जाता है जिस वजह से वहां रात हो जाती हैं।

अब समय को इस तरह से विभाजित किया गया है कि 24 घंटे में से 12 घंटा दिन और 12 घंटा रात में आता है जब 1 बजते है। तो दुनिया के किस हिस्से में बैठकर आप अपना समय देख रहे है अगर वहां सूर्य की रोशनी पड़ रही है तो आप दोपहर का 1:00 बज रहा है कहेंगे वही अगर आप दुनिया के दूसरे कोने पर बैठे है जहां सूर्य की रोशनी नहीं पहुंच पा रही है तो आप कहेंगे कि रात का 1:00 बज रहा है। 

इसी प्रक्रिया में दुनिया के अलग-अलग स्थान पर अलग-अलग समय होता है। पर इसकी वजह से एक समस्या सबके समक्ष आई कि एक समय हर किसी के लिए तय नहीं किया जा सकता इस वजह से किस स्थान के लिए कौन सा समय हो रहा है यह मानक समय को देखकर तय किया जाता है अर्थात दुनिया के विभिन्न जगहों से एक काल्पनिक रेखा पर की गई है जिसके आधार पर उस रेखा के आगे और पीछे आने वाले देशों के समय को निर्धारित किया जाता है जिसके बारे में नीचे हमने चर्चा की हैं।

टाइम कितना हो रहा है

वर्तमान में अभी क्या समय चल रहा है यह बताने के लिए नीचे हमने लाइव टाइमर लगा है जिसे देखकर आप यह समझ सकते है कि इस वक्त कितना टाइम हो रहा हैं।

कैसे तय करते है कि कहां कितना टाइम होगा

अभी समय कितना हो रहा है यह तय करने के लिए अलग-अलग स्थान के लिए अलग-अलग रेखाएं बनाई गई है। आपको बता दें कि सबसे पहली रेखा ग्रीनविच नाम के एक टापू से गुजरती है वह ब्रिटेन और उसके आसपास के देशों के लिए मानक समय तय करती है। सरल शब्दों में आपको बता दें कि जब हम ने यह कहा कि सूर्य की ओर धरती का एक हिस्सा होता है और दूसरा विपरीत दिशा में इस वजह से दिन और रात होते है तो समय निर्धारित करने के लिए हमें एक बिंदु चाहिए जिससे हम तुलना कर सके और समय बता सके। 

ऐसी तुलना करके समय बनाने के लिए मानक समय की रेखा तैयार की गई है यह रेखा ग्रीनविच नाम के एक टापू से होकर गुजरती है यह रेखा पूरी तरह से काल्पनिक है मगर ऐसा माना जाता है कि वह रेखा 0 डिग्री पर बनाई गई है। इस वजह से ग्रेट ब्रिटेन के पास ग्रीनविच टापू से पास होने वाली इस रेखा को प्राइम मेरिडियन या सुन्यक दिशांक कहते हैं। 

इस प्रकार अनेक रेखा इस धरती पर खींची गई पूरी तरह से काल्पनिक यह रेखा पृथ्वी को 15 देशांतर में विभाजित करते है प्रत्येक देशांतर रेखा के बीच में 15 डिग्री का अंतर रखा गया है जीरो डिग्री पर जो देशांतर रेखा खींची गई है वह प्राइम मेरिडियन या ग्रीनविच मीन टाइम है। जब 12वीं रेखा खींची गई तो वाशिंगटन सभा में इसे अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा का नाम दिया गया क्योंकि ग्रीनविच मीन टाइम से 12 हुए रेखा तक 180 डिग्री पूर्ण हो रहे थे। 

इन सभी देशांतर रेखा के दम पर समय कैसे बढ़ाया जाता है इस बात को अगर परिभाषित करें तो सरल शब्दों में कह सकते है कि ग्रीनविच मीन टाइम से एक रेखा गई है जिसे 0 डिग्री का देशांतर रेखा कहा जाता है इस ग्रीनविच मीन टाइम से 12 हुआ रेखा 180 डिग्री को दर्शाता है जब पश्चिम दिशा की ओर 180 डिग्री आ पाएंगे तो ग्रीनविच मीन टाइम से पश्चिम की ओर चलते वक्त 12वीं रेखा पार करने पर अपने समय में आपको 12 घंटे घटाने होंगे। उसी प्रकार जब आप ग्रीनविच मीन टाइम से 12वीं रेखा पूरब की ओर चले जाएंगे तो दुबारा 180 डिग्री का कोण बनेगा तब आपको अपने समय में 12 घंटे जोड़ने होंगे। 

उम्मीद करते है आप इस बात को समझे होंगे कि ग्रेट ब्रिटेन के पास एक टापू है जिसे 0 डिग्री का देशांतर माना जाता है इस प्रकार कुल 15 दिशांतर काल्पनिक रेखा पृथ्वी पर खींची गई है अगर पूर्व दिशा की ओर बढ़ेंगे और 0 डिग्री के देशांतर से गिनते हुए 12वी रेखा पार करेंगे तो 0 डिग्री देशांतर पर जो समय हो रहा होगा उसमें 12 घंटा जोड़ देंगे इसी प्रकार जब आप ग्रीनविच मीन टाइम या 0 डिग्री देशांतर से पश्चिम की ओर बढ़ेंगे और बारहवीं रेखा पार करेंगे तब आप जीरो डिग्री देशांतर पर जो समय हो रहा होगा उसमें से 12 घंटे घटा देंगे। 

यूनाइटेड स्टेट्स में कितना टाइम हो रहा है

आपको बता दें कि भारत में जो भी समय हो रहा है उससे अलग अमेरिका में हो रहा होगा क्योंकि अमेरिका और भारत के बीच की दूरी काफी अधिक है इस वजह से जब भारत सूर्य की रोशनी का सामना करता है तब अमेरिका अंधेरे में ही रहता हैं। 

जैसा कि हमने आपको समय के मात्रक का इस्तेमाल ऊपर समझाया उस प्रकार अगर आप यूनाइटेड स्टेट्स के समय का पता लगाएंगे तो आप यह पाएंगे की वाशिंगटन से जो देशांतर रेखा पार हुई है उसकी दूरी ग्रीन विद से चार रेखा उपरांत है इस वजह से उसे जीएमटी – 4 का समय कहा जाता है। अगर हम भारत से अमेरिका का समय मिलाए तो यह पाएंगे कि अमेरिका का समय भारत से 9:30 घंटा पीछे चलता हैं। 

लंदन में कितना टाइम हो रहा है

लंदन में क्या समय हो रहा है उसे अगर भारत के समय से हम मिलाने बैठेंगे तो पाएंगे कि वहां का समय भारतीय समय के मुकाबले 6:30 घंटा पीछे चल रहा हैं।

दुबई में कितना समय हो रहा है

दुबई एक प्रसिद्ध जगह है मगर भारत से ज्यादा दूर नहीं है इस वजह से उसका समय भारत के मुकाबले केवल 2:30 घंटा पीछे चलता हैं।

निष्कर्ष

अगर आपको Time Kitna Ho Raha Hai लेख हेल्पफुल रहा है तो फिर आप यह लेख अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करना।इसके अलावा अगर आपको इस लेख से सम्बंधित कोई भी जानकारी चाहिए तो उसके लिए आप निचे कमेंट बॉक्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

Abhishek Maurya

मेरा नाम अभिषेक मौर्य है और मैं उत्तर प्रदेश वाराणसी डिस्ट्रिक्ट का रहने वाला हूं और मैं एक दिव्यांग हूं। मुझे अलग-अलग विषयों पर आर्टिकल लिखना बहुत अच्छा लगता है और इसी को मैंने अपना जुनून बनाया है। मैं पिछले 3 वर्षों से आर्टिकल लेखन का कार्य कर रहा हूं। आपको हमारे द्वारा लिखे गए लेख कैसे लगते हैं? आप हमें कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। मेरा भी एक हिंदी ब्लॉग है जिस पर मैं रिलेशनशिप के ऊपर आर्टिकल लिखता हूं जिसका यूआरएल इस प्रकार से है। माय वेबसाइट यूआरएल - https://hindibaatchit.com/

This Post Has 2 Comments

  1. Online Hindi Me

    Wow Sir Awesome Blog . Really Very Nice Your Article Writing Skill

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