Pilot कैसे बने पूरी जानकारी जानिए हिंदी में

दोस्तों आपने अपने आसपास आसमान में उड़ते खूबसूरत हवाई जहाज और हेलिकॉप्टर को तो देखा होगा। क्या आपने कभी सोचा है की वह कैसे उड़ते है या उन्हें कौन उड़ाता है। आप में से कई ऐसे होंगे जो हवाई जहाज और हेलिकॉप्टर उड़ाने वाले पायलट बनने के बारे में सोचते होंगे या कभी न कभी आपने ही पायलट बनने का सोचा होगा या सोच रहे होंगे।

अगर आप पायलट बनने के बारे में सोच रहे है तो यह लेख आपके लिए है। इस लेख में आपको Pilot kaise bane के बारे में बताया जाएगा। तो चलिए जानते है की वे कौन से तरीके है जिनको अपनाने के बाद आप एक Perfect पायलट  बन जायेंगे।

Pilot कैसे बने

दोस्तों पायलट बनना इतना भी मुश्किल नहीं है जितना हमें लगता है और इतना भी आसन नहीं है जितना हम सोचते है। पायलट बनने के लिए आपमें कुछ योग्यता ये होनी चाहिए और इसके साथ ही आपको एक कोर्स भी करना होता हैं।

इस कोर्स को करने के बाद आप एक perfect पायलट  बन पायेंगे। इस लेख को अंतिम तक पढ़ने के बाद आपको इस विषय से जुड़ी पूरी जानकारी मिल जायेगी।

Pilot बनने के लिए योग्यता

पायलट बनने के लिए एक आवेदक के पास कुछ निम्न योग्यता ये होनी चाहिए।

  • पायलट बनने के लिए आवेदक कम से कम कक्षा 12 में विज्ञान वर्ग से पास होना चाहिए।
  • कक्षा 12 में विज्ञान में 50 प्रतिशत से अधिक नंबर लाने वाला उम्मीदवार एक पायलट बन सकता हैं।
  • इसके बाद उम्मीदवार को एक Entrance exam पास करना होता हैं।
  • इसके बाद आपको Commercial पायलट  बनना है या कुछ और उसके लिए अलग-अलग संस्थानों में प्रवेश लेना होता हैं।
  • Commercial पायलट बनने के लिए आपके पास Commercial Pilot license होना चाहिए।
  • एक पायलट को बातचीत के लिए अच्छी अंग्रेजी का ज्ञान होना चाहिए।
  • आयु 17 साल से कम होनी चाहिए।
  • पायलट बनने के लिए एक मेडिकल सर्टिफिकेट की भी आवश्यकता होती हैं।

Pilot बनने के लिए एंट्रेंस एग्जाम

दोस्तों अगर आप भारत से है और यहां पर पायलट बनना चाहते है तो आपको इसके लिए एक Entrance exam पास करना होता है। यह exam online mode में होता है और इस exam को इंद्रा गाँधी राष्ट्रिय उड़ान अकादमी द्वारा आयोजित करवाया जाता है। इस प्रवेश परीक्षा का नाम CPLE होता है। CPLE का पूरा नाम Commercial पायलट  license exam होता है। इस एग्जाम को पास करने के बाद आपको पायलट  training institute में प्रवेश लेने के लिए भेजा जाता हैं।

इन संस्थानों में आपको Commercial plan को चलाने और उड़ाने की ट्रेनिंग दी जाती है। इन संस्थानों में plan से जुड़ी हरेक छोटी से छोटी जानकारी दी जाती है। इन संस्थानों में ट्रेनिंग पूरी करने के बाद Trainee उम्मीदवार को एक लाइसेंस दिया जाता है जिसे CPL के नाम से जाना जाता है। CPL का पूरा नाम Commercial Pilot License के नाम से जाना जाता हैं।

Pilot बनने की प्रक्रिया

आप एक Perfect पायलट कैसे बन सकते है. अगर आप Loco पायलट  और Commercial पायलट  बनने की सोच रहे है तो यहां आगे कुछ जरूरी जानकारी बताई गई है जो आपको आगे काफी काम आएगी.

Pilotकी ट्रेनिंग कहां से करें

अगर आप पायलट का एग्जाम पास कर देते है उसके बाद आपको Flying school में जाना होता है। वही पर आपको इस प्रकार की ट्रेनिंग दी जाती है। उस स्कूल में आपको पूरी ट्रेनिंग दी जाती है। उसके बाद आप ट्रेनिंग में सब कुछ सीख जाते है। आप जैसे-जैसे ट्रेनिंग में सीखते है और वैसे-वैसे आपका अनुभव बढ़ता है उसी के आधार पर आपको सैलरी मिल जाती हैं।

Pilot के लिए लाइसेंस

पायलट बनने के लिए कई प्रकार के लाइसेंस लेने होते है। पायलट बनने के लिए आपको जो लाइसेंस चाहिए वह 3 प्रकार के होते है। उन तीन प्रकार के बारे में आपको बताया जा रहा है। पायलट बनने के लिए यह तीन प्रकार के लाइसेंस निम्न हैं।

SPL = Student Pilot License

PPL = Private Pilot license

CPL = Corporate Pilot license

इन सभी श्रेणी के लाइसेंस ट्रेनिंग के दौरान दी जाती है। क्या आपको पता है की यह सर्टिफिकेट कब दे दिए जाते है। चलिए जानते है की यह तीनों सर्टिफिकेट कब दिए जाते हैं।

SPL: यह प्रमाण पत्र आपको तब दिया जाता है जब आप एक Flying स्कूल में स्टूडेंट के तौर पर हिस्सा लेते है। यह पहला सर्टिफिकेट होता है जो एक पायलट को दिया जाता है। यह एक Provisional certificate के तौर पर काम आता हैं।

PPL: दूसरा प्रमाण पत्र होता है PPL। यह प्रमाण पत्र भी आपको स्कूल की ट्रेनिंग के दौरान ही दिया जाता है। अगर आप Flying school में 60 किलोमीटर की उड़ान पूरी कर लेते है तो उसके बाद आपको यह सर्टिफिकेट दिया जाता हैं।

CPL: तीसरा और अंतिम प्रमाण होता है जो Corporate License होता है और यह और पूरी ट्रेनिंग होने के बाद दिया जाता है। यह आपको तब दिया जाता है जब आप अपनी ट्रेनिंग पूरी कर लेते है और 300 से अधिक घंटे की ट्रेनिंग पूरी कर लेते हैं।

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Indian Air Force में पायलट कैसे बने

अगर आप पायलट बनना चाहते है परन्तु आपके पास उतने पैसे नहीं की आप Flying school में जा सके और वहां ट्रेनिंग ले सके। अगर आप 40 से 50 लाख का खर्चा नहीं उठा सकते तो आपके पास यह भी मौका है की आप Indian air force जैसी सरकारी सेवा में जा सके है और वहां पर पायलट बन सकते है और अपने हवाई जहाज उड़ाने का सपना पूरा कर सकते हैं।

Indian Air force में जाने के लिए आपको संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होने वाली NDA की परीक्षा देनी होती है। इसके लिए भी कुछ योग्यता ये निर्धारित की गई है। अगर आप उन योग्यताओं को पूरा करते है और इस परीक्षा को पास करते है तो आप एक अच्छे पायलट बन सकते हैं।

NDA के लिए योग्यता

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली इस NDA की परीक्षा के लिए कुछ निम्न Eligibility हैं।

  • आवेदक भारत का मूल निवासी होना चाहिए।
  • इस परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवार की आयु कम से कम 16 साल और अधिकतम 19 साल की होनी चाहिए।
  • अगर उम्मीदवार इंडियन आर्मी में जाना चाहता है तो वह कम से कम 12वी कक्षा पास होना चाहिए।
  • यदि उम्मीदवार Indian Air Force में जाना चाहता है तो वह विज्ञानं वर्ग में 12वी कक्षा पास होना चाहिए।
  • परीक्षार्थी जो इस परीक्षा में बैठने वाला होता वह शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होना चाहिए।
  • जिस किस ने पहले Defence सेवा या ट्रेनिंग जॉइन की थी और उसके बाद Resign दे दिया था और वे इस परीक्षार्थी के अपात्र होंगे।
  • आवेदन करने वाले उम्मीदवार के शरीर पर किसी भी प्रकार का टैटू नहीं बना हुआ होना चाहिए, अगर टैटू बना हो तो शरीर के बाहर दिखने वाले हिस्से पर नहीं होना चाहिए।

NDA के लिए शारीरिक योग्यता

NDA की परीक्षा देने के लिए एक बात को जानना बेहद जरूरी होता है की यही आवेदक शारीरिक रूप से फिट नहीं है तो वह इस परीक्षा में बैठने योग्य नहीं होता है। NDA के लिए कुछ शारीरिक योग्यता।

  • आवेदन करने वाली परीक्षार्थी की हाइट (ऊंचाई) कम से कम 152 CMS नहीं होनी चाहिए।
  • डिफेंस सेवा में काम कर चुके परिवार के सदस्यों के लिए हाइट में 5 CMS की छूट दी जाती हैं।
  • आवेदक जो NDA की परीक्षा के योग्य है वह अविवाहित होना चाहिए।
  • शरीर के वजन तकरीबन 50 किलो से कम होना चाहिए।
  • आवेदक जो NDA के लिए योग्य है उसे किसी भी प्रकार की बीमारी नहीं होनी चाहिए। इसको Verify करने के लिए परीक्षार्थी को मेडिकल कराना अनिवार्य हैं।
  • मेडिकल वेरीफाई करने से पहले किसी भी प्रकार की मेडिकल फिटनेस का इतिहास ऐसा ना रहा हो जिससे यह लगे की आप पहले मेडिकल में Unfit हो।
  • कानों से सुनने के क्षमता भी सही और नार्मल होनी चाहिए।
  • शरीर की चमड़ी पर किसी भी प्रकार का रोग नहीं होना चाहिए।
  • मूत्र का भी Check-up मेडिकल टेस्ट के दौरान किया जाता है, जिसमें अगर आप फिट नहीं पाए जाते तो आप इस के लिए योग्य नहीं रहते हैं।
  • ECG टेस्ट भी नार्मल होना चाहिए।
  • ऐप्लिकेटर की आँखों की स्थिति भी सही होनी चाहिए जैसे Normal eyesight 6/6 होनी चाहिए।
  • चलने में तेज हो और 15 मिनट में 2।4 किलोमीटर चल सके।

NDA Exam

भारत में इस परीक्षा का आयोजन संघ लोक सेवा आयोग द्वारा कराया जाता है। यह परीक्षा हर साल आयोजित की जाती है। इस परीक्षा में बैठने से लेकर इसको पास करने तक आपको 3 चरणों से गुजरना होता है। इन दोनों चरणों में पहला चरण लिखित परीक्षा का होता है वही दूसरा चरण साक्षात्कार का होता हैं।

  • पहला चरण – इस परीक्षा का पहला चरण लिखित परीक्षा के लिए होता है। इसमें कुल 2 पेपर होते है जो ऑफलाइन होते है। यह दोनों पेपर एक ही दिन होते है। इस परीक्षा में जो प्रश्न पूछे जाते है वह गणित, विज्ञान और मेंटल योग्यता के अनुसार होते है। इस चरण में लिखित परीक्षा पास करने के बाद आपको अगले चरण में भेजा जाता हैं।
  • दूसरा चरण – इस अगले चरण में आवेदक का इंटरव्यू होता है। इस इंटरव्यू के साथ-साथ जरूरी दस्तावेजों की भी जांच होती है। अगर परीक्षार्थी दोनों चरणों में पास हो जाता है तो उसे अगले चरण के लिए बुलाया जाता हैं।
  • तीसरा चरण – तीसरे चरण में वे सभी आवेदक शामिल होते है जो पहले और दूसरे चरण में पास हो जाते है। इस चरण में सभी पास हुए उम्मीदवारों का मेडिकल टेस्ट होता है। यह मेडिकल टेस्ट जरूरी होता है और इस में भी पास नहीं होता उसे Disqualify माना जाता हैं।

इस परीक्षा में पास होने के बाद उम्मीदवार जी आगे ट्रेनिंग के लिए जाते है उन सभी के ट्रेनिंग का खर्चा सरकार उठाती है और उसके बाद आप एक perfect पायलट  बन जाते हैं।

Pilot बनने के लिए कितना खर्चा आता हैं

अगर कोई पायलट बनने के लिए ट्रेनिंग करने जाता है तो उस ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट की कुछ फीस होती है उसके साथ वहां पर रहने और खाने पीने का भी खर्चा होता है। यह पूरा खर्चा उम्मीदवार को अपने स्तर पर से उठाना पड़ता है। इसमें किसी भी प्रकार की छात्रवृति की सुविधा नहीं दी जाती है। पायलट बनने के लिए आपको flying स्कूल जॉइन करना पड़ता है पर उससे पहले आपको एक एंट्रेंस एग्जाम, उसके बाद इंटरव्यू और उसके बाद एक मेडिकल टेस्ट होता है। इन सब के बाद आपको Flying school में प्रवेश मिल जाता हैं।

बात करें स्कूल में कोर्स के Duration की तो यह कोर्स करीब 15 से 18 महीने का होता है। भारत में Flying School जॉइन करने के बाद 30 से 40 लाख तक की फीस देनी होती है। हालाँकि फीस का निर्धारण Flying school द्वारा किया जाता है तो यह कम ज्यादा भी हो सकता हैं।

CPL के साथ अगर आप Type rating certificate भी लेना चाहते है तो यह खर्चा आपका 60 से 70 लाख तक का हो जाता है इसके बाद आप एक perfect पायलट बन जाते हैं।

Pilot की सैलरी

बात करें अगर एक पायलट  सैलरी की तो आपको इस के बारे में बता दे की एक पायलट की सैलरी उसके अनुभव में आधार पर निर्धारित की जाती है। एक सामान्य तौर पर एक पायलट की तनख्वाह की बात करें तो उनकी सैलरी 2 लाख से शुरू होती है और उनके अनुभव के आधार पर ज्यादा से ज्यादा 10 लाख तक जा सकती हैं।

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निष्कर्ष

अगर आपको Pilot Kaise Bane लेख हेल्पफुल रहा है तो फिर आप इस लेख को अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करना जो की हवाई जहाज़ चलाना चाहते है। इसके अलावा अगर आपको इस लेख से संबंधित कोई भी जानकारी चाहिए तो उसके लिए आप नीचे कमेंट बॉक्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Junaid Bashir

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